“हर गांव बनेगा मिनी मौसम केंद्र: 15 मिनट में वेदर रिपोर्ट होगी अपडेट

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“हर गांव बनेगा मिनी मौसम केंद्र: 15 मिनट में वेदर रिपोर्ट होगी अपडेट,

भोपाल।
मध्य प्रदेश में मौसम की जानकारी अब जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य सरकार हर गांव को एक मिनी मौसम केंद्र में बदलने जा रही है। 23,634 ग्राम पंचायतों में ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) और 444 तहसीलों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) लगाए जाएंगे, जो हर 15 मिनट में डेटा अपडेट करेंगे।

🌾 खेती के फैसले होंगे अब डेटा पर आधारित
अब किसान अनुमान नहीं, बल्कि सटीक स्थानीय डेटा के आधार पर बुवाई, सिंचाई और फसल प्रबंधन का फैसला ले सकेंगे। हर गांव के लिए अलग मौसम सलाह (Agromet Advisory) उपलब्ध होगी, जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

आपदा से पहले अलर्ट, नुकसान होगा कम
तेज बारिश, आकाशीय बिजली या अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों की रियल-टाइम चेतावनी मिलेगी। इससे प्रशासन और आम लोगों को पहले से तैयारी का समय मिलेगा और जान-माल का नुकसान कम किया जा सकेगा।

💰 बीमा क्लेम में नहीं होगा विवाद
अब फसल बीमा के दावों में देरी और विवाद खत्म होंगे।
गांव-स्तर के डेटा के आधार पर ही मुआवजा तय होगा, जिससे किसानों को उनका सही हक समय पर मिल सकेगा।

🔧 कैसे काम करेगा यह हाईटेक सिस्टम
सभी उपकरण सोलर एनर्जी से चलेंगे

आधुनिक सेंसर और सिम आधारित टेलीमेट्री सिस्टम होगा

हर 15 मिनट में बारिश, तापमान, नमी और हवा की गति रिकॉर्ड होगी

डेटा सीधे ‘WINDS’ पोर्टल पर अपलोड होगा

💸 100 करोड़ से ज्यादा का निवेश
इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹100–120 करोड़ खर्च होंगे।

50% राशि केंद्र सरकार देगी (VGF)

बाकी राज्य सरकार और एजेंसियां मिलकर वहन करेंगी

6–9 महीने में पूरा होगा काम
अप्रैल 2026 में टेंडर के बाद चयनित कंपनियों को 6 से 9 महीने में सभी जगह उपकरण लगाने होंगे। साथ ही 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उनकी होगी।

📊 क्यों है यह योजना गेमचेंजर?
अब एक ही तहसील में अलग-अलग गांवों के मौसम का फर्क भी रिकॉर्ड होगा।
यानी जहां एक गांव में सूखा, वहीं दूसरे में बारिश—दोनों की अलग-अलग सटीक जानकारी सरकार के पास होगी।