SGTPS: अब विद्याभारती चलाएगी पाली बिजली कॉलोनी का स्कूल,नजदीक ही मधुशाला भी खुली

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विक्की दाहिया ,बिरसिंहपुर,पाली। स्थानीय संजय गांधी ताप विद्युत गृह (SGTPS) की बिजली कॉलोनी का 37 साल पुराना हा.से.स्कूल अब विद्याभारती अ.भा.शिक्षा संस्थान चलाएगा। इसके लिए शिक्षण संस्थान व एसजीटीपीएस शिक्षण समिति के बीच हाल ही में करार हुआ। खास बात यह कि इसी शाला के नजदीक एक नई मधुशाला यानी शराब दुकान भी खुल गई है।

सूत्रों के अनुसार,उक्त विद्यालय में 482 बच्चे अध्ययनरत हैं। इनमें 132 बच्चों ने आरटीई अंतर्गत शाला में प्रवेश लिया था। विद्यार्थी व शाला का भवन पूर्ववत रहेगा। अलबत्ता शाला में शिक्षकों की भर्ती नए सिरे से होगी।

पढ़ाई का पैटर्न सरस्वती शिशु मंदिर की तर्ज पर होगा।दरअसल,विद्याभारती एक विचारधारा विशेष वाले संगठन से जुड़ा संस्थान है। इसके देशभर में अनेक विद्यालय हैं,लेकिन खास बात यह कि इनमें ज्यादातर सरकारी भूमि या सरकारी भवन हासिल कर ही खड़े किए गए।

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योजनाबद्ध तरीके से बंद हुआ स्कूल
सूत्रों का दावा है कि MPPGCL यानी मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा संचालित उक्त विद्यालय को योजनाबद्ध तरीके से पहले बंद किया गया, फिर निजीकरण की शुरुआत हुई।  वर्ष 1986 से संचालित इस विद्यालय का इतिहास गौरवमयी रहा है।

वर्ष 2021-22 में ही इस विद्यालय के खिलाड़ी बच्चों ने अनेक स्पर्धाएं जीत कर संस्थान का नाम रोशन किया। लेकिन इसके निजीकरण को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम हुआ।

शुरुआत बीते साल फरवरी में हुई। जब संस्थान में कार्यरत 30 से अधिक शिक्षकों का वेतन रोकना शुरू किया गया। यह सिलसिला पूरे साल चला और गत फरवरी में यह कहते हुए स्कूल बंद कर दिया गया कि संस्थान घाटे में हैं।

यही नहीं शाला में कार्यरत कर्मचारियों को कॉलोनी में उन्हें आवंटित कंपनी के आवास भी खाली करने का नोटिस थमा दिया गया। तंग आकर कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर तब बमुश्किल 32 प्रतिशत भुगतान अब तक किया गया।

हुए ‘पाई-पाई’ को मोहताज

आलम यह ,कि इन शिक्षकों ,कर्मचारियों की भविष्य निधि की प्रक्रिया भी आधी-अधूरी है। इसके चलते ये अपनी जमा पूंजी भी जरूरत के वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं।

यानी शाला के कर्मचारियों को पहले आर्थिक रूप से कमजोर किया गया ताकि वे आंदोलन या न्यायालयीन खर्च वहन न कर सकें। बताया जाता है, कि  निकाले गए शिक्षक ‘पाई-पाई’ को मोहताज हैं। नए संस्थान में उनका संविलियन होगा या नहीं इसको लेकर भी संशय बना हुआ है।

यह नई सुविधा शुरू 
उक्त विद्यालय के नजदीक ही देशी-विदेशी शराब की एक नई दुकान खुल गई है।

फर्क इतना है कि विद्यालय कॉलोनी की चारदीवारी के अंदर है और मदिरालय चारदीवारी के बाहर लेकिन नजदीक।

अब इसका कितना लाभ इस क्षेत्र को होगा,यह तो आने वाला वक्त बताएगा।

… बिजली कंपनी के उक्त विद्यालय को संचालित करने विद्या भारती शिक्षण संस्थान से अनुबंध हुआ है। संस्थान जल्दी ही शाला का संचालन शुरू करेगा। ताकि बच्चों के भविष्य पर किसी तरह का असर न पड़े। जीपीएफ राशि जमा करने के मामले में कोई कमी नहीं है। 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर जमा राशि निकाली जा सकती है।

                                     *** एच.के.त्रिपाठी, पदाधिकारी शिक्षण समिति हा.से.स्कूल, एसजीटीपीएस

…. विद्यालय बंद कर आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है। कहा जा रहा है एक माह में आवास खाली नहीं हुआ तो दस गुना किराया वसूला जाएगा। एक तो साल भर से वेतन नहीं दिया,जीपीएफ निकाल नहीं सकते,जाएं तो जाएं कहां,कुछ समझ नहीं आ रहा है।पाई-पाई को मोहताज हो गए हैं।यह हालत स्कूल से निकाले गए सभी लोगों की है।
*** दिनेश तिवारी,पूर्व प्राचार्य H.S.S.,SGTPS

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