इंदौर जिला प्रशासन को इंसान ही नहीं, पशुओं की भी चिंता,…इसलिए है नंबर वन

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इंदौर (पंकज मिश्रा)। स्वच्छता के मामले में देश में अपना लोहा मनवा चुका इंदौर ,अन्य कई मायनों में भी आगे है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गत दिनों प्रवासी भारतीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र में इंदौर को शहर नहीं ‘दौर’ बता चुके हैं।

यहां जिला प्रशासन इंसान ही नहीं पशुओं की भी उतनी ही चिंता कर रहा है..यकीं न हो तो जिला कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी द्वारा जारी आदेश देख लीजिए।

इसमें आगामी तीस जून तक मास के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे तक पशुओं का उपयोग मालवाहक या सवारी ढोने में किये जाने पर रोक लगाई गई है। आदेश में पशु क्रूरता अधिनियम का भी हवाला दिया गया है । जिला कलेक्टर ने यह निर्णय वैशाख,ज्येष्ठ मास में जिले में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए लिया।

हाल ही जारी आदेश में कहा गया कि जिला इन्दौर में भीषण गर्मी की स्थिति में प्रतिदिन दोपहर के समय 12 से 3 बजे के बीच औसतन तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक निरन्तर बना रहता है। इस दौरान जिले में पशुओं पर सामग्री (भार) या सवारी कर उपयोग करने से अथवा पशुओं को तांगे/बैल-गाड़ी /भैंसा-गाड़ी/ऊंट-गाड़ी/खच्चर-गाड़ी/टट्टू-गाड़ी एवं गधे पर वजन ढोने में उपयोग करने से बीमार या मृत्यु भी हो सकती है।

अतः पशु क्रूरता अधिनियम (PEA) 1900 – Draught & Pack Animal Rules (PCDPA) 19es Under Section 6 के अंतर्गत जिला इन्दौर में प्रतिदिन दोपहर 12 से अपरान्ह 3 बजे के बीच यदि पशुओं की सहायता से चलने वाले साधन जिनसे वजन या सवारी ढोने के कार्य किये जाते हैं, तो इस तरह पशुओं के उपयोग पर आगामी 30 जून तक प्रति​बंध रहेगा।