बुरहानपुर। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह व निकाह योजना Kanya Vivah Yojana में अब सामान की जगह 50 हजार रुपए का चेक दिया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ये बड़ी घोषणा शुक्रवार को की है। उन्होंने योजना में सामान खरीदी में गड़बड़ी की आशंका के चलते ये फैसला लिया है।
बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे मन में यह था कि बेटी को घर से विदा करें तो उपहार देकर करना चाहिए। तो कुछ सामग्री का प्रावधान किया। लेकिन उन सामग्री में कई तरह की प्रॉब्लम आ रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार सुनने को मिला कि कई चीजें घटिया आ गई। कई बार घटिया ना भी हो तो भी सवाल उठ जाते हैं इसलिए आज मैं बुरहानपुर से तय कर रहा हूं अब सामग्री नहीं देंगे अब सीधे बेटी के हाथ में चेक देंगे ताकि वह जो चाहे वह सामान खरीद ले।
कुछ ऐसे हैं,जिन्हें जहां मौका मिल जाए वहीं खा जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहां- कहां देखें कि घटिया साड़ी,पलंग खरीद लिए। अब यह इंसान नाम का आदमी भी बड़ा कमाल का है। मैं सब की बात नहीं कर रहा हूं लेकिन कुछ ऐसे हैं,जिन्हें जहां मौका मिल जाए वहीं खा जाएं।
अपनी बहनों की जिंदगी बदलने के लिए मैं चौथी बार मुख्यमंत्री बना हूँ।
पेसा कानून जनजातीय समाज के भाई-बहनों को और सशक्त बनाने का प्रयास है।
खरगोन जिले में आयोजित ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ एवं ‘पेसा एक्ट जागरूकता’ सम्मेलन में सहभागिता की। https://t.co/49FbJxrbxr https://t.co/t3RYOCOeuc pic.twitter.com/uJ0tYc0FcL
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 17, 2023
इसलिए अब तय किया है कि चेक दे दें।आज से योजना में यह बदलाव कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनसभा में महिलाओं से पूछा भी क्या यह निर्णय सही है या नहीं इस पर महिलाओं ने हाथ उठाकर मुख्यमंत्री के फैसले का समर्थन व स्वागत किया।
उमरिया की घटना ने कराई किरकिरी
गौरतलब है कि उमरिया जिले के मानपुर एवं पाली नगरीय निकाय अंतर्गत गत फरवरी के अंतिम सप्ताह में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए थे।इनमें घटिया सामग्री वितरित किए जाने का समारोह में शामिल हुईं जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने ही विरोध किया था। यही नहीं,उन्होंने अधिकारियों को सामग्रियों के बदले नगद राशि हितग्राहियों को देने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj चौहान ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को इन्टेंसिव के साथ अन्य लाभ प्रदान करने पर विचार किया जाएगा। चालक-परिचालक बोर्ड का गठन करने का फैसला लिया जाएगा। एनपीएस सहित अन्य विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) March 17, 2023
विधानसभा में गूंजा था मामला
हालांकि इस निर्देश के एक पखवाडे बाद भी राशि नहीं मिलने पर यह मामला हाल ही में राज्य विधानसभा में भी गूंजा। इस पर संसदीय कार्यमंत्री को उमरिया मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने का आश्वासन विपक्ष को देना पडा। इससे सरकार की किरकिरी भी हुई। बताया जाता है कि इस घटनाक्रम के बाद ही मुख्यमंत्री ने उक्त निर्णय लिया।
मंत्री को आगे आकर जताना पड़ा विरोध
इस तरह,उमरिया के संबंधित जिम्मेदारों की मामूली लालच व लापरवाही ने न केवल जिले की बल्कि सरकार की किरकिरी भी करा दी। इस घटनाक्रम से यह बात भी सामने आई कि संबंधित निकायों के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी निकायों में व्याप्त धांधली को लेकर आंख बंद किए हैं। इसके चलते क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री सुश्री मीना सिंह को ही आगे आना पड़ा ।
बुजुर्गों को मिलेगी हजार रुपए पेंशन
मुख्यमंत्री बाद में खरगोन में ‘लाडली बहना’ और पेसा एक्ट को लेकर आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन 1000 रुपए महीना करने की भी घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खरगोन जिले को 240 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 30 हजार से ज्यादा हितग्राही और ग्रामीण शामिल हुए।
उन्होंने लाडली बहना योजना के तहत ईकेवाईसी के नाम पर रुपए मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने मंच से ही कलेक्टर और संभाग आयुक्त को इसके निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि पेसा एक्ट किसी के खिलाफ नहीं है, यह आदिवासी भाइयों को और मजबूत करने के लिए बनाया गया है।
राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए कोई कमी नहीं छोड़ेगी। कर्मचारियों, जनता और राष्ट्रहित के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। आपके द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए रखी गई विभिन्न मांगों पर पूरी ईमानदारी और प्रमाणिकता से निर्णय लिए जाएंगे।
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) March 17, 2023
















