किसी भी काडर में 20% से अधिक ट्रांसफर नहीं

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किसी भी काडर में 20% से अधिक ट्रांसफर नहीं
मोहन कैबिनेट द्वारा पारित की गई तबादला नीति में किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। जिस विभाग में 200 कर्मचारी हैं, वहां 20 प्रतिशत तबादले ही किए जाएंगे। वहीं 201 से 1000 संख्या तक 15 प्रतिशत, 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत और 2001 से अधिक होने पर पद या संवर्ग में कार्यरत संख्या के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे।

तबादले ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे। इनमें स्वैच्छिक तबादले भी होंगे। यह नीति मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा एवं मध्य प्रदेश मंत्रालय पर लागू नहीं होगी।

पुलिस स्थापना बोर्ड से होंगे पुलिसकर्मियों के तबादले
स्थानांतरण नीति में साफ किया गया है कि राज्य पुलिस सेवा को इससे बाहर रखा जाएगा। वहीं, डीएसपी से कनिष्ठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण पुलिस स्थापना बोर्ड से होंगे। जिले के भीतर पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से स्थानांतरण कर सकेंगे।

ए प्लस नोटशीट वाले तबादले 31 मई तक किए जाएंगे
मंत्री काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री की ए-प्लस नोटशीट वाले तबादले 31 मई तक किए जाएंगे। लंबित आवेदन निपटाए जाएंगे, इसे तबादला नीति में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वयं के व्यय वाले तबादलों में दो स्थितियां शामिल नहीं होंगी। इन्हें तबादला नीति से बाहर रखा गया है।

पहला, ऐसे शासकीय सेवक जो अति गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, लकवा, हृदयाघात से पीड़ित हैं और मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर स्थानांतरित किए जाते हैं, उनका इस नीति में समावेश नहीं किया जाएगा। वहीं पति-पत्नी व स्वयं बीमारी से पीड़ित शासकीय सेवकों को भी तबादला नीति की निर्धारित सीमा से बाहर रखा गया है।

जिले के भीतर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर कर सकेंगे तबादला
जिले के भीतर जिला संवर्ग/राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से तबादला किया जाएगा। जिले के भीतर डिप्टी कलेक्टर/संयुक्त कलेक्टर अनुभाग परिवर्तन एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार की पदस्थापना प्रभारी मंत्री के परामर्श से की जाएगी।