धर्मेंद्र योगी,देवास / भोपाल
(6264678548)
देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 5 मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई की जद में टोंककला एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल आए हैं।
हालांकि, हादसे से जुड़े कई अन्य विभागों और वरिष्ठ जिम्मेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
कम लाइसेंस, ज्यादा बारूद !
सूत्रों के मुताबिक फैक्ट्री में कम क्षमता के लाइसेंस पर बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री जमा की जा रही थी।
मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के काम कराया जा रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
हादसे के बाद सामने आया कि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा जांच केवल कागजों तक सीमित थी।
जांच में खुली सिस्टम की लापरवाही

इस तरह की फैक्ट्रियों की निगरानी सिर्फ राजस्व और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं होती।
जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में पहले भी छोटे हादसे हो चुके थे, लेकिन किसी विभाग ने गंभीरता से सुरक्षा ऑडिट नहीं किया। अधिकारी कथित तौर पर हादसे वाले दिन ही मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रोज करीब 700 पेटी पटाखे और माचिस तैयार होती थीं। यहां पोटाश जैसे विस्फोटक रसायनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता था। फैक्ट्री से कई राज्यों में सप्लाई की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री का लाइसेंस पिछले साल 23 दिसंबर को जारी हुआ था और इसी साल मई में उसका नवीनीकरण भी किया गया।














