छुट्टी में प्रदर्शन: धूप में तपे शिक्षक उम्मीदवार, भर्ती बढ़ाने की मांग पर डीपीआई घेरा

भोपाल।

शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 पास कर चुके वर्ग-2 और वर्ग-3 के उम्मीदवारों ने शनिवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) का घेराव किया। वीकेंड अवकाश होने से डीपीआई दफ्तर बंद रहा।

बीते छह माह में करीब आधा दर्जन बार प्रदर्शन कर चुके अभ्यर्थी आज भी तपती सड़क पर डटे रहे। इस दौरान इन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। इनमें महिला उम्मीदवार भी शामिल रहीं।

आंदोलनकारी पदवृद्धि व दूसरी काउंसलिंग और जल्द नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। तेज धूप के कारण कुछ महिला प्रदर्शनकारियों की हालत भी बिगड़ी लेकिन वे पीछे नहीं हटीं। तेज धूप के बीच घंटों चले धरने और नारेबाजी से माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

तपती सड़क पर धरना,प्रदर्शन व नारेबाजी

लंबे समय से नियुक्ति की बाट जोह रहे चयनित अभ्यर्थी शनिवार को बड़ी संख्या में डीपीआई के समक्ष जमा हुए। इन्होंने सड़क पर धरना,प्रदर्शन वा नारेबाजी शुरू की।

बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की भनक लगते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने अवकाश का हवाला देकर प्रदर्शनकारियों को धरना खत्म करने की समझाइश भी दी,लेकिन वे अपने इरादे पर अडिग रहे।

गर्मी में बिगड़ी महिला अभ्यर्थी की तबीयत

दोपहर की भीषण गर्मी के बीच सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों में एक महिला अभ्यर्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

साथी अभ्यर्थियों ने मौके पर पानी, दवाइयां और एनर्जी ड्रिंक देकर संभाला। एंबुलेंस पहुंचने के बावजूद युवती ने अस्पताल जाने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखा।

पुलिस चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को डीपीआई परिसर खाली करने की चेतावनी दी। इसे लेकर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच बहस और हंगामे की स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधिकारी मिलने तक को तैयार नहीं हैं और उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

खून से पत्र, भूख हड़ताल और मुंडन तक

अभ्यर्थियों का कहना है कि नवंबर 2025 से अब तक वे 8-9 बार आंदोलन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखने, भूख हड़ताल, मुंडन और मार्कशीट जलाने जैसे विरोध प्रदर्शन के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।

आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लाखों पद खाली हैं।

स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का दावा

 उनके मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग में 1.15 लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं, जबकि हजारों स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। इसके बावजूद भर्ती में बहुत कम पद घोषित किए गए हैं।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें

. वर्ग-2 भर्ती में पद संख्या बढ़ाकर 10 हजार की जाए

. वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 25 हजार पद किए जाएं

. दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू हो

. 3200 विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया चलाई जाए

चेतावनी- मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज

अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

उनका कहना है कि यह सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का सवाल है। शाम तक प्रदर्शनकारी डीपीआई के समझ डटे हुए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *