VIP काफिलों पर MP सरकार भी सख्त ! TBC में सौभाग्य के प्रवेश पर रोक,थमाया नोटिस

रवि अवस्थी, भोपाल |

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पीएम नरेंद्र मोदी की ‘ईंधन बचाओ’ अपील को नजरअंदाज करने के मामलों पर अब मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है।

इसी क्रम में सरकार ने मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

साथ ही आगामी आदेश तक उनके निगम कार्यालय में प्रवेश और निगम से जुड़े कई प्रशासनिक कार्यों पर रोक लगा दी गई है।

दरअसल, मध्यप्रदेश में दूसरी पंक्ति के नेताओं द्वारा पीएम मोदी की अपील की अनदेखी किए जाने को केंद्रीय नेतृत्व ने भी गंभीरता से लिया है।

 

सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में लगातार सामने आए शक्ति प्रदर्शन के मामलों पर शीर्ष नेतृत्व ने नाराजगी जताई थी।

इसके बाद सबसे पहले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल (In Photo)के निर्देश पर भिंड किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पद से हटाया गया। अब राज्य सरकार ने भी इसी दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।

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निगम में प्रवेश पर लगाई पाबंदी

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पदभार ग्रहण के दौरान लगभग 200 वाहनों का काफिला निकाला गया, जो सरकार की सादगी और ईंधन बचत संबंधी गाइडलाइन के विपरीत है।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह ठाकुर (In Photo)के कई प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित रहेंगे।

उन्हें निगम कार्यालय और बैठकों में भाग लेने, प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णय लेने तथा कर्मचारियों को निर्देश जारी करने से भी रोका गया है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी अजात शत्रु श्रीवास्तव ने नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की। जादौन व गोयल के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह मेरे स्तर पर तय नहीं हो सकता।

जादौन और गोयल को भी मिल सकता है नोटिस

सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन और सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल को भी नोटिस जारी कर सकती है।

संगठन की तरह सरकार का रुख भी इस मामले में सख्त माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि यदि संबंधितों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो पद से हटाने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ किया शक्ति प्रदर्शन

गौरतलब है कि सौभाग्य सिंह ठाकुर हाल ही में उज्जैन से भोपाल तक बड़े वाहन काफिले के साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। उनके काफिले के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए थे।

वहीं, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी विदिशा से समर्थकों और कारों के लंबे काफिले के साथ भोपाल आए थे।

दोनों नेताओं ने ई-रिक्शा में बैठकर सादगी का संदेश देने की कोशिश जरूर की, लेकिन पीछे चलता भारी वाहन काफिला चर्चा का विषय बन गया।

पीएम की अपील के बावजूद इस शक्ति प्रदर्शन ने बीजेपी नेताओं के आचरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

SDA अध्यक्ष गोयल ने भी नहीं लिया सबक

 

सिंगरौली विकास प्राधिकरण (SDA) के नव नियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने भी इन घटनाक्रमों से सबक नहीं लिया। गुरुवार को वे करीब 200 वाहनों के काफिले के साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे।

उनकी 27 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा के दौरान शहर में कई जगह जाम की स्थिति बनी और एक एंबुलेंस तक ट्रैफिक में फंस गई थी।

मप्र बीजेपी संगठन ने पहले मारी बाजी

इससे पहले भिंड में बीजेपी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव (In Photo) ने भी बुधवार को इसी तरह शक्ति प्रदर्शन किया था।

इसके बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए यादव को पद से हटा दिया। संगठन की इस त्वरित कार्रवाई को केंद्रीय नेतृत्व के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

पीएम और सीएम ने खुद दिया सादगी का संदेश

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचत, सादगी और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों ने भी अपने काफिलों को सीमित कर सादगी का संदेश दिया है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तो ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचकर अलग उदाहरण पेश कर चुके हैं।

इसके बावजूद निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्त कुछ नए पदाधिकारी बड़े काफिलों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं।

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