भोपाल।
विदिशा जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए सामग्री खरीदी की निविदा प्रक्रिया विवादों में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में जेम पोर्टल पर ओपन टेंडर के रूप में शुरू हुई प्रक्रिया को बाद में सिंगल लिमिटेड टेंडर में बदल दिया गया। इसी बदलाव को लेकर आपत्तियां उठ रही हैं।
गैरपसंदीदा लोगों को इस तरह किया बाहर
कुछ प्रतिभागियों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया कि यह सीमित श्रेणी का टेंडर है और इसमें केवल चुनिंदा फर्में ही भाग ले सकती हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऊंची वित्तीय शर्तों पर भी विवाद
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निविदाओं में वित्तीय पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
स्टेनलेस स्टील बर्तन खरीदी के टेंडर में निर्माता कंपनी के लिए पिछले तीन वर्षों में 2 करोड़ रुपये टर्नओवर की शर्त रखी गई है।
वहीं भाग लेने वाले वेंडर के लिए 40 लाख रुपये सालाना टर्नओवर जरूरी किया गया।
इसी तरह प्री-स्कूल किट खरीदी में 25 लाख रुपये सालाना टर्नओवर की पात्रता तय की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सामान्य उपयोग की सामग्री के लिए इतनी ऊंची शर्तें छोटे स्थानीय कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा से बाहर कर सकती हैं।
हजारों वस्तुओं की होनी है खरीदी
आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए करीब 39,500 वस्तुओं की खरीदी प्रस्तावित है। इनमें 36 हजार टिफिन, 700 कढ़ाई, 700 हैंड मिक्सर, 700 रैक, 700 कुकर और 700 कैसरोल शामिल हैं।
इसके अलावा प्री-स्कूल शिक्षा किट के तहत एक्टिविटी चार्ट, खिलौने, पपेट, कहानी की किताबें, स्केच पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री सहित कुल 16,632 वस्तुएं खरीदी जानी हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उच्च स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता (Anshul Gupta) से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। प्रशासन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।