MP: बड़े किसानों के ​स्लॉट भी जल्द होंगे अलॉट,केंद्र से गेहूं खरीदी कोटा बढ़ने से राहत

4

रवि अवस्थी,भोपाल।

(9826019364)

केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर सौ लाख मीट्रिक टन किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

सरकार जल्द ही बड़ी जोत वाले किसानों के लिए भी ​स्लॉट अलॉटमेंट शुरू कर सकती है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में इसके आदेश जारी होंगे।

22 लाख मीट्रिक टन का इजाफा

बता दें कि केंद्र सरकार ने एक दिन पहले गेहूं खरीदी के कोटे में 22 लाख मीट्रिक टन का इजाफा किए जाने के आदेश जारी किए।

पूर्व में यह मात्रा 78लाख मीट्रिक टन तय की गई थी। जो बीते साल की तुलना में एक लाख मीट्रिक टन ज्यादा है।

मध्य प्रदेश में गेहूं की एक बार फिर बंपर पैदावार हुई है। राज्य में इस साल 19.04 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है।

बारदाने की कमी के चलते लगा छन्ना
राज्य सरकार ने खरीदी की प्रक्रिया में इस बार बदलाव किया। प्राथमिकता दो हेक्टेयर यानी पांच एकड़ तक के छोटे किसानों को दी गई।

इनकी उपज की खरीदी के लिए स्लॉट पहले की गई। इसके चलते पांच एकड़ से अधिक जोत वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अभी इंतजार करना पड़ रहा है।

कुछ किसानों ने निजी ​व्यापारियों को अपनी उपज बेचने का जतन किया,लेकिन बाजार भाव सरकारी भाव से कम मिलने के कारण वे वापस सरकारी खरीदी की ओर लौट रहे हैं।

सरकारी खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपए का भाव

केंद्र सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी 2585 रुपए तय किया है। मप्र सरकार प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस दे रही है। इस तरह मप्र में गेहूं की सरकारी खरीदी दाम 2625सौ रुपए प्रति क्विंटल है।

19 लाख किसान कतार में

जबकि बाजार में यह दाम 22 सौ से 2350 रुपए प्रति क्विंटल हैं। प्रदेश में इस साल 19.04 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। उनका कुल रकबा 41.64 लाख हेक्टेयर है। वहीं इसमें उत्पादन का अनुमान 163.20 लाख मीट्रिक टन है।

खरीदी में देरी से गड़बड़ाए समीकरण

विभागीय आकलन के अनुसार वास्तविक आवक करीब 104 लाख मीट्रिक टन रहने की संभावना है। गेहूं खरीदी 4 संभागों में 16 मार्च और बाकी में 23 मार्च से शुरू होना थी, लेकिन बारदानों की कमी से समीकरण गड़बड़ा गए।

इसके चलते 4 संभाग भोपाल,इंदौर,उज्जैन व नर्मदापुरम में 9 अप्रैल व शेष में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू हो सकी। फिलहाल प्रदेश में रोजाना करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो रही है।

स्लॉट बुकिंग क्षमता ढाई गुना बढ़ाई

अब तक 3 लाख 5 हजार 422 किसानों से 12 लाख 94 हजार 497 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इनमें से करीब 1 लाख किसानों को 1333 करोड़ 30 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।

खरीदी की गति बढ़ाने के लिए स्लॉट बुकिंग क्षमता 1000 से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति केंद्र की गई है।

जल्द ही बड़े जोत वाले किसानों से खरीदी
सूत्रों का दावा है कि केंद्र से खरीदी कोटा बढ़ने के बाद जल्द ही मध्यम व बड़े जोत वाले किसानों की उपज खरीदी शुरू होगी। इसके लिए आगामी 25 अप्रैल यानी कल से स्लॉट अलॉटमेंट होने के आसार हैं।

देरी ने बढ़ाई इन किसानों की परेशानी
प्रदेश में प्राथमिक सहकारी समितियों में ऋण अदायगी की मियाद 31 मार्च तय है। बीते सालों में मार्च में खरीदी शुरू होने से किसान समितियों का कर्ज समय पर अदा कर देते थे।

कुछ अवसर ऐसे भी आए जब प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा। तब तत्कालीन Shivraj सरकार ने ऋण अदायगी की मियाद 30 जून या इससे अधिक अवधि के लिए भी बढ़ाई।

इस बार,ऐसा नहीं हो सका। इसके चलते प्रदेश में करीब 6.20 लाख किसान समय पर कर्ज की अदायगी नहीं कर सके। नतीजतन,ये सभी डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए।

अप्रैल से शुरू हुआ 12 % ब्याज
प्रदेश में प्राथमिक सहकारी समितियां छह माह के लिए जीरो % ब्याज पर खाद,बीज के लिए ऋण मुहैया कराती है।

किसान यदि छह माह में कर्ज की अदायगी नहीं करता है तो सातवें माह से उसे ऋण पर 12% की दर से ब्याज अदायगी करनी होती है।

इस नियम के मुताबिक सभी 6.20 लाख किसानों को अब अप्रैल से 12% ब्याज की अदायगी करनी पड़ सकती है।

करीब 450 करोड़ रुपये बकाया

सूत्रों के मुताबिक, डिफाल्टर किसानों पर करीब 450 करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें 80 परसेंट छोटे किसान हैं।

बैंकों और सोसायटियों का कहना है कि अगर मार्च तक पैसा जमा नहीं हुआ, तो अप्रैल से 12 परसेंट तक ब्याज अदा करना होगा।

गेहूं खरीदी विलंब से शुरू होने के कारण इन किसानों को अब दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।