एमपी नगर में ‘सेकेंड हैंड’ कारोबार की आड़ में बढ़ा रिस्क, क्राइम ब्रांच पर बढ़ा दबाव

191

भोपाल।
राजधानी,भोपाल के MP Nagar इलाके में पुराने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कारों का कारोबार तेजी से फैल रहा है। सस्ते सौदों की आड़ में यहां संदिग्ध लेन-देन भी बढ़ने लगे हैं। जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

📱 तेजी से बढ़ा ‘यूज्ड गैजेट्स मार्केट’

बीते कुछ वर्षों में एमपी नगर में सेकेंड हैंड मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई जगहों पर डुप्लीकेट और बिना वैध दस्तावेज वाले गैजेट्स भी खुलेआम बिक रहे हैं।

⚠️ सस्ते के चक्कर में फंस रहे ग्राहक

कम कीमत के लालच में ग्राहक अक्सर बिना जांच-पड़ताल के गैजेट्स खरीद लेते हैं।

बिना बिल/इनवॉइस के सामान खरीदना जोखिम भरा है।

चोरी का माल खरीदना भी कानूनी अपराध है।

🧾 इनवॉइस है सबसे बड़ी सुरक्षा

यदि विक्रेता ईमानदार है तो वह- सामान की मूल कंपनी,खरीद का स्रोत  व  वैध इनवॉइस बताने में हिचकिचाएगा नहीं। खरीदारों को यह दस्तावेज जरूर मांगना चाहिए।

🎓 स्टूडेंट्स बने आसान टारगेट

भोपाल में हर साल बड़ी संख्या में छात्र आते हैं। कई बार-उनके गैजेट्स चोरी हो जाते हैं या आर्थिक जरूरत में गिरवी रख दिए जाते हैं। ऐसे गैजेट्स बाद में इसी बाजार में कम कीमत पर बेचे जाते हैं।

👮 स्थानीय ढिलाई, क्राइम ब्रांच पर बढ़ा बोझ

सूत्रों के मुताबिक, इस कारोबार को स्थानीय स्तर पर सख्ती से नहीं रोका जा रहा, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
ऐसे में Bhopal Crime Branch की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

🔍 क्या है बड़ा सवाल?
क्या यह बाजार ‘चोरी के माल’ की खपत का केंद्र बन रहा है?
क्या निगरानी की कमी से अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?