SC वोट बैंक पर सियासी दांव: मोहन कैबिनेट के फैसलों के चुनावी मायने

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रवि अवस्थी,भोपाल।

मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव कैबिनेट ने अनुसूचित जाति वर्ग के हक में मंगलवार को दो बड़े फैसले लिए। पहला इस वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृति दो हजार से बढ़ाकर दस हजार रुपए मासिक की गई। दूसरा प्रदेशभर में बुधवार से आगामी 14 अप्रैल तक अंबेडकर जयंती से जुड़े कार्यक्रम होंगे।

फोकस ​में पश्चिम बंगाल

सरकार के इन फैसलों को पांच राज्यों में जारी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जहां अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं की आबादी 7 से 23 प्रतिशत तक है। विशेषकर बीजेपी के फोकस वाले राज्य पश्चिम बंगाल में यह संख्या सर्वाधिक है। बीजेपी वहां अपना जनाधार बढ़ाने का लगातार जतन कर रही है।

बुधवार से अंबेडकर जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला
मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल सहयोगियों को संबोधित किया।

उन्होंने बताया​ कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।

इसी श्रृंखला में कल 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में यह अलग-अलग प्रोग्राम होंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला भिंड के मुख्यालय पर होगा।

जिला मुख्यालयों सहित सभी विकास खंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

एससी छात्रों की मासिक स्कॉलरशिप 5 गुना बढ़ी

कैबिनेट ने एससी वर्ग के छात्रों के लिए दस हजार रुपए प्रतिमाह स्कॉलरशिप देने को भी मंजूरी दी है। अभी यह 2000 रुपए प्रतिमाह दी जाती थी। महंगाई को देखते हुए अब सरकार ने इसे दस हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया है।

अब पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट करने वाले बच्चों को यह राशि दी जाएगी। अनुसूचित जनजाति वर्ग की स्कॉलरशिप में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

एससी वर्ग पर अचानक फोकस क्यों ?
देश में जातिगत राजनीति नई बात नहीं है। खासकर चुनाव के वक्त यह खूब परवान चढ़ती है। मोहन सरकार के आज के फैसलों को भी पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ये राज्य हैं-पश्चिम बंगाल,तमिलनाडु,असम,केरल और पुडुचेरी

इन राज्यों में एससी वर्ग की आबादी की बात की जाए तो इस वर्ग के सर्वाधिक 23फीसद मतदाता पश्चिम बंगाल में हैं। वहां चुनाव जीतने के लिए बीजेपी पूरा जोर लगा रही है। तुलनात्मक तौर पर उसका सर्वाधिक फोकस भी इसी राज्य पर हैं।

आज के फैसले संबंधित राज्यों में यह नैरेटिव बिल्ड करने में मददगार साबित हो सकते हैं,कि जहां हमारी सरकार,वहां SC वर्ग को अधिक लाभ

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चुनाव वाले राज्यों में SC आबादी (%) व चुनाव तिथियां
राज्य               आबादी (%)               मतदान तिथियां
पश्चिम बंगाल— लगभग 23%              23 & 29 अप्रैल
तमिलनाडु—    लगभग 20%              23 अप्रैल
पुडुचेरी—        लगभग 16%                9 अप्रैल
केरल—          लगभग 9%                  9 अप्रैल
असम—         लगभग 7%                  9 अप्रैल
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मप्र में चुनाव दूर,कवायद जारी
मप्र में चुनाव को फिलहाल करीब ढाई साल का वक्त है। सियासी नजरिए से देखें तो बीते कुछ सालों में बीजेपी एससी वर्ग को अपने पाले में लाने में सफल रही है। बीते ​विधानसभा चुनाव में ही उसे बेहतर प्रतिसाद मिला। इसके चलते पार्टी ने एससी वर्ग की आरक्षित 35 में से 26 सीटों पर जीत हासिल की। मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी करीब 15 प्रतिशत है।

अंबेडकर जयंती सम्मेलन महू से भिंड शिफ्ट
उत्तरी मप्र के अंचल में इस जाति की सर्वाधिक आबादी निवास करती है। यही वजह है कि अंबेडकर जयंती पर राज्य स्तरीय आयोजन इस बार उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती भिंड में रखा गया है। जबकि अब तक यह आयोजन डॉ अंबेडकर की जन्म स्थली महू इंदौर में होता रहा है।

बैठक से पहले सीएम यादव ने यह भी बताया

— केंद्र ने बीते सप्ताह 631.73 करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें NH-46 इटारसी–बैतूल सेक्शन, निवाड़ी–झांसी फोरलेन व NH-44 और NH-39 लिंक रोड सहित अन्य कार्य शामिल हैं।

— बीते सप्ताह उज्जैन में “महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम” सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

-मंदसौर में गांधी सागर बांध से जुड़ी कातन सिंचाई परियोजना को मंजूरी। करीब 88 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का लाभ 120 गांव के लोगों को मिलेगा।

-सरकार 5800 रु./क्विंटल की दर से मसूर की सौ फीसद खरीदी करेगी। जबकि, चना 5000 रु./क्विंटल की दर से कुल उत्पादन का सिर्फ 25% खरीदा जाएगा।

– गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी। छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। दलहन उपार्जन के लिए 3174 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

– उज्जैन में एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इस राशि से भू​मि अधिग्रहण किया जाएगा।

-वाणिज्यिक कर,स्कूल​ शिक्षा व वन विभाग की कुछ योजनाओं को निरंतर जारी रखने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी।