रवि अवस्थी,भोपाल।
सीमित संसाधनों और कम अपडेट के बावजूद पाठकों का विश्वास अगर बढ़े, तो वही असली पत्रकारिता की ताकत होती है।
यही भरोसा एक बार फिर जनप्रचार को मार्च 2026 में मिला, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करीब पौन दो लाख (1.7 लाख+) यूजर्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

















