दिल्ली में दिखा ‘इंदौरी कलेक्टर क्लब’

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रवि अवस्थी,भोपाल।

इंदौर की कलेक्टरी हर आईएएस अधिकारी के लिए प्रतिष्ठा और चुनौती दोनों मानी जाती है। यही वजह है कि यहां काम करने वाले अफसर इस शहर से एक खास भावनात्मक रिश्ता भी बना लेते हैं।

ऐसा ही एक दिलचस्प संयोग हाल ही में New Delhi में देखने को मिला, जब इंदौर के लगातार रहे पांच पूर्व कलेक्टर एक साथ मिल गए।

विभागीय बैठकों में शामिल होने दिल्ली पहुंचे इन अफसरों ने जब एक-दूसरे को देखा तो इंदौर में बिताए अपने कार्यकाल की यादें ताजा हो गईं।

इस खास पल को यादगार बनाने के लिए सभी ने साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाया। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गई और इंदौर में उनके कार्यकाल की चर्चाएं फिर शुरू हो गईं।

एक तस्वीर में पांच पूर्व कलेक्टर

इस फोटो में मध्यप्रदेश कैडर के पांच आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जो अप्रैल 2015 से जनवरी 2024 के बीच अलग-अलग समय पर इंदौर के कलेक्टर रहे। इनमें

पी.नरहरि (2001) — अप्रैल 2015 से जून 2017

निशांत वरवड़े (2003) — जून 2017 से दिसंबर 2018

लोकेश जाटव (2009)— जनवरी 2019 से मार्च 2020

मनीष सिंह (2009)— मार्च 2020 से नवंबर 2022

टी.इलैया राजा (2004)— नवंबर 2022 से जनवरी 2024

संयोग से सभी अधिकारी दिल्ली में मौजूद थे और यह मुलाकात एक यादगार तस्वीर में बदल गई।
मनीष सिंह की कार्यशैली की सबसे ज्यादा चर्चा

मनीष सिंह रहे सर्वाधिक लोकप्रिय कलेक्टर

पांचों अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यकाल में इंदौर में अलग पहचान बनाई, लेकिन 2009 बैच के अधिकारी Manish Singh को शहर के सबसे लोकप्रिय कलेक्टरों में गिना जाता है।

उनका कार्यकाल ऐसे समय में रहा जब पूरी दुनिया COVID-19 महामारी से जूझ रही थी। उस दौर में इंदौर भी गंभीर संकट से गुजर रहा था।

मनीष सिंह ने सख्त और प्रभावी प्रशासनिक रणनीति अपनाते हुए हालात संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कंटेनमेंट जोन की निगरानी, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करना और जरूरतमंदों तक राशन व दवाइयां पहुंचाने जैसे कदमों से शहर धीरे-धीरे स्थिति को नियंत्रित करने में सफल हुआ।

फील्ड में सक्रिय रहने वाले कलेक्टर

मनीष सिंह की कार्यशैली तेज फैसलों और फील्ड में सक्रिय रहने के लिए जानी जाती थी। वे अक्सर देर रात तक शहर का निरीक्षण करते और मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देते थे।

इस वजह से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आई और लोगों के बीच प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ।

इंदौर की कलेक्टरी: हर आईएएस का सपना

इंदौर का कलेक्टर रहना किसी भी आईएएस अधिकारी के लिए गर्व की बात मानी जाती है।

लगातार कई वर्षों तक देश का सबसे स्वच्छ शहर रहने वाला इंदौर अपनी जीवंत संस्कृति, स्वादिष्ट खानपान और मजबूत व्यापारिक पहचान के कारण देशभर में अलग स्थान रखता है।

दिल्ली में एक फ्रेम में दिखे इन पांच पूर्व कलेक्टरों की तस्वीर इसी बात की गवाही देती है कि इंदौर में बिताया गया प्रशासनिक दौर उनके लिए आज भी यादगार है।

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