मप्र : इस बार ₹2625 प्रति क्विंटल बिकेगा गेहूं, ₹40 का बोनस देगी मोहन सरकार

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भोपाल।

मध्यप्रदेश सरकार ने रबी सीजन (Rabi season) 2026 के लिए गेहूं खरीदी पर किसानों को राहत देते हुए बोनस राशि में बढ़ोतरी कर दी है।

इस साल गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी। केंद्र सरकार द्वारा घोषित 2585 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी के साथ राज्य सरकार ने 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है।

पिछले वर्ष गेहूं पर सिर्फ 15 रुपए प्रति क्विंटल बोनस (Bonus) दिया गया था। इस बार बोनस में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

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पहले भी बढ़ी थी MSP

केंद्र सरकार (Central’s Government) ने इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 170 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। वर्ष 2025 में गेहूं की एमएसपी (MSP) 2425 रुपए थी, जिसे बढ़ाकर इस बार 2585 रुपए किया गया है।

वहीं वर्ष 2024-25 में एमएसपी 2275 रुपए थी, जिस पर राज्य सरकार ने 125 रुपए बोनस देकर प्रदेश में गेहूं 2400 रुपए प्रति क्विंटल(Quintal) की दर से खरीदा था।

2700 रुपए प्रति क्विंटल का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(Dr.Mohan Yadav) ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले ले रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में वर्ष 2028 तक गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदने का लक्ष्य तय किया है। आने वाले वर्षों में इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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पंजीयन की तारीख बढ़ी

सरकार (Government) ने किसानों की परेशानी को देखते हुए गेहूं उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

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किसानों को दिन में बिजली

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि सिंचाई के लिए किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। ताकि रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

उड़द पर भी बड़ा बोनस

राज्य सरकार ने उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अधिक से अधिक उड़द की खेती करने की अपील की। ताकि उन्हें इस प्रोत्साहन का लाभ मिल सके।

“देश का फूड बास्केट” बना मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश का फूड बास्केट (Food Basket) बन चुका है। जहां दलहन, तिलहन और सब्जियों (vegitables) का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है।

सरकार का उद्देश्य किसानों (Peasants) को समृद्ध बनाना और कृषि क्षेत्र को और मजबूत करना है।