आगर-मालवा।
मध्यप्रदेश के ‘अजब-गजब’ किस्सों में एक और कहानी जुड़ गई है। इस बार मामला किसी बड़े घोटाले का नहीं, बल्कि एक जोड़ी चप्पल का है—लेकिन अंदाज़ ऐसा कि चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।
आगर मालवा जिले में नलखेड़ा तहसील अंतर्गत बड़गांव के नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी दो दिन पहले बगुलामुखी मंदिर पहुंचे।
दर्शन के बाद वह बाहर आए तो जूता-चप्पल स्टैंड से उनकी चप्पल गायब हो गई।
आम तौर पर लोग ऐसी घटनाओं को किस्मत या लापरवाही मानकर टाल देते हैं,लेकिन साहब ने इसे “मामूली” नहीं माना।
चप्पल की खोज में जुटे पटवारी
नायब तहसीलदार के साथ उनकी सहायता के लिए दो पटवारी भी उनके साथ मंदिर पहुंचे थे। साहब की चप्पल नदारद देख पटवारियों ने भी काफी खोजबीन की,लेकिन चप्पल नहीं मिली।
🎥 CCTV से कबूलनामे तक
चप्पल चोरी पर साहब ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनकी शिकायत पर मंदिर प्रबंधन ने सीसीटीवी खंगाले तो एक व्यक्ति चप्पल ले जाते नजर आया।
पूछताछ में उसने धोखे से चप्पल ले जाना स्वीकार भी कर लिया,लेकिन साहब ने मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने बिना पंजीयन के मंदिर में पूजा-पाठ कराने वाले पंडित जी पवन पर भी अपना गुस्सा जताया।
अधिकारी ने इसे व्यक्तिगत नुकसान से आगे बढ़ाकर मंदिर परिसर में बार-बार होने वाली चोरियों से जोड़ दिया।
📜 एसपी को पत्र:‘केस दर्ज हो, सख्त कार्रवाई हो’
नायब तहसीलदार ने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह को पत्र लिखकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
चंद्रवंशी ने शिकायत में लिखा-उन्होंने चप्पल पूरे पांच सौ रुपए में खरीदी थी।
पत्र में उन्होंने आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने व अपंजीकृत पंडित जी के खिलाफ भी एक्शन लिए जाने की बात कही।
राजस्व रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश
सूत्रों के मुताबिक,मामले में पुलिस का रुख ना केवल नरम रहा,बल्कि नायब तहसीलदार का यह पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसे लेकर साहब ट्रोल हुए वह और बौखला गए। उन्होंने देख लेने वाले अंदाज में,पटवारियों को आरोपी की अचल संपत्ति से जुड़ा राजस्व रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए। ताकि उसे सबक सिखाया जा सके।
📱 सोशल मीडिया पर बहस: सख्ती या अति?
पत्र के वायरल होते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। एक पक्ष जहां साहब की शिकायत को सही ठहरा रहा है,तो दूसरे ने लिखा- ‘कुछ ज्यादा ही हो गया।’