विधानसभा बजट सत्र नौवां दिन : पेड़ कटे 33 हजार, मुआवजा पर सवाल हजार, वॉकआउट

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समीक्षा : विधानसभा के नौवें दिन सिंगरौली कोल ब्लॉक मुआवजा, स्वास्थ्य व्यवस्था, स्कूल रखरखाव और नशे के मुद्दों पर हंगामा हुआ। जांच के आश्वासन के बीच विपक्ष ने वॉकआउट किया।”

रवि अवस्थी,भोपाल।

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सदन में कोल ब्लॉक मुआवजा विवाद,स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति,स्कूल भवनों के रखरखाव में कथित अनियमितताएं, नशे का बढ़ता अवैध नेटवर्क तथा विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर गंभीर और व्यापक चर्चा हुई। दिनभर हंगामे और स्थगन के बीच कार्यवाही जारी रही।

कोल ब्लॉक और मुआवजा विवाद

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले के धिरौली स्थित अडानी समूह के कोल ब्लॉक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आठ गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में है। कलेक्टर की सूची के अनुसार 12 हजार 998 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें बड़ी संख्या आदिवासी परिवारों की है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कई पात्र परिवारों को पूर्ण मुआवजा नहीं मिला, जबकि कुछ बाहरी व्यक्तियों को भुगतान किया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए पुलिस अधिकारियों के परिजनों के नाम पर मुआवजा दिए जाने का आरोप लगाया और विधानसभा समिति से जांच की मांग की।

इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार जांच के लिए सहमत है और व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया।

सिंगरौली की प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके ने बताया कि क्षेत्र में 33 हजार पेड़ों की कटाई हुई है। उन्होंने कहा कि पांच गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है और फिलहाल कोयला खनन नहीं, बल्कि मिट्टी हटाने का कार्य चल रहा है।

वहीं राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अब तक 1,552 परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और प्रत्येक आदिवासी परिवार को लगभग 50 लाख रुपए तक का प्रावधान है।

जांच कमेटी की मांग पर अड़ा विपक्ष

इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को मुआवजे के लिए सिर्फ 368 करोड़ रुपए मिले हैं। इसी रकम से विस्थापितों को दो से तीन लाख रुपए ही मुआवजा दिया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धरौली ब्लॉक में काटे जा रहे पेड़ों की लकड़ी अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ भेजी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष समेत विपक्ष के अनेक सदस्य सदन की जांच कमेटी बनाने की मांग पर अड़े रहे।

जवाब में सरकार ने मुआवजा सूची सदन के पटल पर रखने तथा किसी भी अनियमितता की जांच कराने का आश्वासन दिया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया।

उठा नशे के अवैध कारोबार का मुद्दा

सत्र के नौवें दिन सदन में मालवा और मंदसौर क्षेत्र में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक राजेंद्र पांडे और हरदीप सिंह डंग ने कहा कि गांजा, अफीम, डोडा चूरा और अब एमडी ड्रग्स का नेटवर्क क्षेत्र में फैल रहा है।

नशे की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी की आशंका भी व्यक्त की गई। उन्होंने प्रशासन से बड़े तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

नीमच क्षेत्र से भी अवैध शराब और अफीम के कारोबार का मामला उठाया गया, जिस पर सरकार ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर तीखी बहस

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

छिंदवाड़ा में कथित जहरीले सिरप से बच्चों की मौत, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, मशीनों के अनुपयोगी पड़े रहने और एंबुलेंस में ड्राइवरों की अनुपलब्धता जैसे मुद्दे सामने आए।

विधायकों ने कहा कि केवल मेडिकल कॉलेज भवन बना देने से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ नहीं हो जातीं। आयुष्मान योजना की पांच लाख रुपए की सीमा को बढ़ाने की मांग भी उठी।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा में दवाओं की कीमतों, परीक्षण की लागत तथा आयुष्मान कार्ड की अन्य राज्यों में मान्यता के मुद्दे भी चर्चा में रहे।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार सतत प्रयास कर रही है।

स्कूल भवनों की मरम्मत काम की होगी जांच

भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी(Photo) ने मैहर विधानसभा क्षेत्र में स्कूल भवनों के रखरखाव में लापरवाही का मुद्दा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। आरोप लगाया गया कि करोड़ों रुपए की राशि जारी होने के बावजूद कई स्कूल जर्जर स्थिति में हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है और 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

चर्चा में कांग्रेस के लखन घनघोरिया (Photo) ने जबलपुर में फ्लाईओवर ब्रिज में गिरने व स्कूल भवनों की मरम्मत में प्रदेश स्तर पर व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए।

बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर मंत्री उदय प्रताप ने जांच प्रभावित कर सकने वाले संबंधित अधिकारी को हटाकर जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन सदन को दिया।

रीवा जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के विद्युतीकरण कार्यों में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठा। ऊर्जा मंत्री की ओर से प्रक्रिया में संशोधन आदेश और जांच की जानकारी दी गई।

लोक लेखा समिति की एतिहासिक रिपोर्ट

सदन में लोक लेखा समिति एवं प्राक्कलन समिति की रिपोर्ट भी पेश की गई।

लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत (Photo) ने बताया कि समिति ने वर्ष 2004 से 2015-16 तक के लंबित 127 प्रकरणों का निराकरण किया है।

इस पर पंचायत मंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए समिति का आभार जताया। अध्यक्ष ने भी समिति के प्रयासों की सराहना की। वहीं सदन सदस्यों ने मेज थपथपाकर समिति के प्रयासों की सराहना की।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

सत्र के दौरान श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने श्रम मंडल संशोधित विधेयक प्रस्तुत किया। विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन सदन में रखे गए और उन्हें स्वीकार किया गया।

इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने लाडली बहना योजना में नए पंजीयन की तिथि अभी तय न होने की जानकारी दी।

इन विभागों के बजट अनुदान मांगों पर चर्चा

सत्र के नौवें दिन स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन विभागों के बजट पर निर्धारित समय अनुसार चर्चा हुई। भोजनावकाश का रद्द कर कार्यवाही को निरंतर जारी रखा गया।

इस प्रकार बजट सत्र का नौवां दिन मुआवजा विवाद, स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों के बीच तीखी बहस और राजनीतिक टकराव के बीच गुजरा।