मंत्री विजयवर्गीय की दो टूक: अफसरों ने भोपाल,इंदौर पर थोप दी मेट्रो

77

मध्य प्रदेश में शहरी विकास को लेकर राज्य सरकार अब ​थ्री मॉडल पर काम करेगी। सरकार वित्तीय आत्मनिर्भरता, तकनीकी सुधार और जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बजट अनुदान मांगों पर चर्चा में इस बात के संकेत दिए।

——————————————————————————-

भोपाल।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में मेट्रो, मास्टर प्लान, आत्मनिर्भर निकाय और जनभागीदारी मॉडल जैसे मुद्दों पर व्यापक बहस हुई।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि शहरी विकास अब “जनप्रतिनिधियों से संवाद और जनता की भागीदारी” के साथ आगे बढ़ेगा।

चर्चा के बाद विभाग के 21 हजार करोड़ रुपये और राज्य विधानमंडल के लिए 152 करोड़ रुपये के अनुदान प्रस्ताव पारित कर दिए गए।

मेट्रो पर मंथन: जनप्रतिनिधियों संग होगी बैठक

मंत्री विजयवर्गीय अपने विभाग की बजट अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के जवाब दे रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि  भोपाल मेट्रो की प्लानिंग अधिकारियों ने कर ली।

इसे लेकर जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। एक तरह से भोपाल व इंदौर पर मेट्रो को थोप दिया गया।

उन्होंने घोषणा की कि भोपाल के सांसद-विधायकों के साथ अलग बैठक कर रूट और प्रभाव पर विचार किया जाएगा।

इंदौर-भोपाल में मेट्रो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने की जरूरत पर भी सहमति बनी।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मेट्रो के कारण भोपाल में किसी भी कब्रिस्तान को नुकसान नहीं होगा।जहां दीवार प्रभावित है, वहां पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

आत्मनिर्भर नगर निकाय का फॉर्मूला

अपने जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने यह भी कहा-

*अगले तीन माह में सभी नगर निगम आयुक्तों की बैठक होगी। इसके ​जरिए फ्रीहोल्ड मामलों में तेजी आएगी।
* बिजली ऑडिट से 25% तक बिल में कमी लाई जाएगी।
* निकायों के सभी वाहनों में जीआईएस सिस्टम लागू होगा। इससे ईंधन की बचत होगी।
* जो निकाय आत्मनिर्भर बनेंगे,उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स सुधार के बिना वित्तीय मजबूती संभव नहीं, लेकिन इसके लिए जनसहमति जरूरी है।

जनभागीदारी और पीपीपी पर जोर

उन्होंने कहा कि जल्द ‘सीएम जन भागीदारी योजना’ शुरू होगी। जिसमें 25% से 50% तक फंड जनसहभागिता से जुटाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने इंदौर में 36 करोड़ की सड़क इसी मॉडल से बनने का उदाहरण दिए।

मंत्री ने पीपीपी मॉडल को स्टेडियम व अन्य अधोसंरचना के रख-रखाव के लिए बेहतर बताया।

भोपाल का मास्टर प्लान अंतिम चरण

मंत्री ने  जबलपुर और ग्वालियर के लिए भी भविष्य में मेट्रो की योजना का संकेत दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान अंतिम चरण में है।

उन्होंने अमेरिका-इंग्लैंड की तर्ज पर इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने, इंदौर में हुकुमचंद मिल क्षेत्र में सैटेलाइट सिटी और टीडीआर नीति लागू करने की बात भी कही ।

सिंहस्थ 2028 और ग्रीन विजन

विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए करीब 13 हजार करोड़ का प्रारंभिक बजट अनुमानित है।

केंद्र से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुराने सचिवालय क्षेत्र में ग्रीन बिल्डिंग विकसित करने का भी प्रस्ताव है।

तीन स्तंभों पर शहरी विकास

सदन में साफ संकेत मिला कि राज्य सरकार शहरी विकास को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखना चाहती।

सरकार वित्तीय आत्मनिर्भरता, तकनीकी सुधार और जनभागीदारी के मॉडल पर आगे बढ़ाना चाहती है।