महिला पटवारी दुष्कर्म केस में फैसला: उज्जैन के डिप्टी कलेक्टर अभय खराड़ी को 10 साल कैद,जेल भेजा
बड़वानी जिला कोर्ट का अहम् फैसला
सार-संक्षेप
महिला पटवारी से दुष्कर्म के मामले में बड़वानी कोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर अभय खराड़ी को 10 साल की सजा दी। पद के दुरुपयोग, धमकी और ब्लैकमेल के आरोप साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध माने गए।
प्रमुख बिंदु
- —बड़वानी कोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को 10 साल कठोर कारावास सुनाया।
- — 2016–2024 के बीच पद के दुरुपयोग से कई बार दुष्कर्म के आरोप साबित।
- —मारपीट, गाली-गलौज, तेजाब फेंकने व जान से मारने की धमकियों के आरोप।
- — ब्लैकमेल कर रिश्ते तुड़वाने और बदनाम करने की कोशिश का उल्लेख।
- — फैसले के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।
रवि अवस्थी,भोपाल।
आठ वर्षों तक कथित यौन शोषण,धमकियों और दबाव के आरोपों के बीच बड़वानी जिला एवं सत्र न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। तत्कालीन एसडीएम सेंधवा और वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को महिला पटवारी से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1.01 लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी गई।
जेल पहुंचे डिप्टी कलेक्टर खराड़ी
कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इससे पहले,अदालत ने अभियोजन द्वारा पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को गंभीर धाराओं में दोषी माना। पीड़िता ने 2024 में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया था कि 2016 से 2024 के बीच आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बयान के अनुसार 4–5 बार दुष्कर्म हुआ।
ब्लैकमेलिंग,रिश्ता तुड़वाया
महिला ने यह भी बताया कि 22 दिसंबर 2023 की रात जुलवानिया की गायत्री कॉलोनी स्थित उसके घर पर आरोपी ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी।अभियोजन के मुताबिक आरोपी लगातार ब्लैकमेल करता रहा—रिश्ते तुड़वाने, तेजाब फेंकने, अपहरण और हत्या की धमकियां देता था।
बेहोशी में भरता था मांग में सिंदूर
पीड़िता के आरोपों में यह भी शामिल है कि आरोपी उसे बेहोशी की हालत में मांग में सिंदूर भरकर तस्वीरें लेता था, ताकि उसे पत्नी बताकर बदनाम किया जा सके।अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया के अनुसार, आरोपी की पत्नी को संदेह होने पर उसने पीड़िता और उसके परिवार के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि इसी विवाद को सुलझाने का भरोसा देकर आरोपी ने पीड़िता पर दबाव बनाया और शोषण जारी रखा।
















