धार।
बसंत पंचमी के संवेदनशील आयोजन के शांतिपूर्ण समापन के बाद धार पुलिस का उत्साह शनिवार को खुलकर सामने आया।
भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज बिना किसी विवाद के संपन्न होने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत और खुशी का इजहार करते हुए डीजे की धुन पर जमकर डांस किया।
लंबे समय तक चली कड़ी ड्यूटी और भारी तनाव के बाद यह जश्न पुलिस के लिए सुकून का पल बन गया।
क्यों मनाया गया जश्न?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत एक ही दिन और एक ही परिसर में हिंदू पूजा और मुस्लिम नमाज कराना प्रशासन व पुलिस के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था।
किसी भी तरह की चूक कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकती थी। ऐसे में आयोजन का पूरी तरह शांतिपूर्ण संपन्न होना पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
भोजशाला में कैसे हुई पूजा और नमाज
कोर्ट के निर्देशानुसार, भोजशाला के गर्भगृह में हिंदू समाज ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की।
वहीं संरक्षित परिसर के उत्तरी हिस्से में मुस्लिम समुदाय के 17 सदस्यों ने जुमे की नमाज अदा की।
पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी रही।
अखंड पूजन के समर्थन में बंद रहीं दुकानें
हिंदू समाज ने इस बार अखंड पूजन का संकल्प लिया था। इसके समर्थन में शहर के व्यापारियों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखे। सुबह 7:24 बजे पहली आहुति के साथ पूजा शुरू हुई, जो सूर्यास्त तक निर्विघ्न चली।
प्रशासन ने भी ली राहत की सांस
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र मीडिया को बताया कि बसंत पंचमी से जुड़े सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। उन्होंने इसके लिए आम जनता, दोनों समुदायों और पुलिस-प्रशासन के बेहतर समन्वय की सराहना की।
ये वजहें रहीं शांति की गारंटी
तीन महीने पहले से हर मोहल्ले में शांति समिति की बैठकें
दोनों समुदायों से लगातार संवाद और विश्वास-निर्माण
2003, 2013 और 2016 के अनुभवों के आधार पर रणनीति
पहली बार 3-D मैपिंग, AI-लिडार और ड्रोन की मदद
आयोजन से पहले फ्लैग मार्च और करीब 8 हजार जवानों की तैनाती