मध्य प्रदेश वन महकमे में बड़ी सर्जरी: टाइगर रिजर्व के कप्तानों समेत 28 IFS अफसर बदले

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मध्य प्रदेश वन महकमे में बड़ी सर्जरी: टाइगर रिजर्व के कप्तानों समेत 28 IFS अफसर बदले
रवि अवस्थी,भोपाल। राज्य सरकार ने भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के मामले में बुधवार को बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की। सरकार ने 28 आईएफएस अधिकारियों को इधर से उधर किया है। विशेषकर प्रदेश के प्रमुख रिजर्व वन अभ्यारण्य में पदस्थ अफसरों की पदस्थापना में बड़ी फेरबदल हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार को ही एक बैठक में प्रदेश के टाइगर रिजर्व व प्रमुख सेंचुरी को टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर से जोड़े जाने की बात कही थी। बैठक में प्रदेश में टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी मंथन हुआ। वहीं,बाघों की मौत पर भी चिंता जताई गई। इसके बाद देर शाम 28 आईएफएस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव का आदेश जारी हुआ।

कान्हा,पेंच,नौरादेही अभ्यारण्य के अफसर बदले
बुधवार देर शाम जारी तबादला सूची में कान्हा, पेंच और नौरादेही जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों के अधिकारियों को हटाया गया है। इनके अलावा कई मैदानी अफसरों को मुख्यालय में पदस्थ कर दिया गया है।

ठाकुर के दायित्व कम,लूप लाइन शाखा में भेजा
लघु वनोपज संघ एमडी पद से हटाकर संरक्षण शाखा के प्रमुख बनाए गए पीसीसीएफ विभाष ठाकुर को अब अनुसंधान शाखा में पदस्थ किया गया है। उन्हें चंद माह पहले ही लघु वनोपज संघ एमडी पद से हटाकर संरक्षण शाखा का प्रमुख बनाया गया था। यह दायित्व मिलते ही ठाकुर ने नर्मदापुरम वृत्त में हुई अवैध वन कटाई का मामला उजागर किया। इससे सरकार की किरकिरी हुई। ठाकुर लगातार अन्य मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई कर रहे थे।

बाघों की मौत बनी तबादलों की वजह
संजय टाइरगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले लगातार सामने आने के बाद एपीसीसीएफ अमित कुमार दुबे को इस अभ्यारण्य से हटाकर पीसीसीएफ ऑफिस में पदस्थ किया गया है। इसी तरह,कान्हा, पेंच और नौरादेही जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्रों के अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया। स्थानांतरित अधिकारियों की सूची इस प्रकार है..