भोपाल नगर निगम:1055 कर्मचारियों को नए साल में मिली डबल तनख्वाह,चंद घंटे में खुशी काफूर
रवि अवस्थी,भोपाल। नगरीय निकायों के कर्मचारियों को समय पर और वह भी दोहरा वेतन मिल जाए तो उनकी खुशी दूनी होना स्वाभाविक है। भोपाल नगर निगम के कर्मचारी ऐसे भाग्यशाली लोकसेवकों में शुमार हैं। जिनके खातों में नए साल के पहले ही महीने में डबल वेतन जमा हो गया।
निगम के हजारों अधिकारी,कर्मचारी बुधवार को उस वक्त हैरत में पड़ गए,जब उन्हें 24 घंटे के दौरान ही डबल वेतन मिलने का संदेश मिला। मैसेज देख,निगम अमले को सहसा इस पर भरोसा नहीं हुआ,लेकिन जब उन्होंने अपने बैंक खाते खंगाले तो इसमें बैलेंस बढ़ा हुआ मिला। जिसे देख वे खुशी से झूम उठे।
गल्ती पकड़ में आते ही मचा हड़कंप
निगम अमले को दोहरा वेतन बंटने की खबर जंगल में आग की तरह फैली। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आते ही निगम मुख्यालय में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक,देर शाम आयुक्त संस्कृति जैन ने निगम की स्थापना व वित्त शाखा से जुड़े जिम्मेदार अफसरों को तलब किया।
दोहरी रकम वापस लौटाने भेजा संदेश
सूत्रों के अनुसार,बैठक में तय हुआ कि संबंधित सभी अधिकारी,कर्मचारियों को दोहरा वेतन लौटाने मैसेज भेजे जाए,लेकिन बल्क मैसेज भेजे जाने की व्यवस्था नहीं होने पर सभी विभाग प्रमुखों को अपने मातहतों के व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजने के निर्देश दिए गए।
आधी—अधूरी रकम की वापसी ने बढ़ाई परेशानी
बताया जाता है,कि दोपहर बाद अलग—अलग नंबरों से जारी संदेश से कर्मचारी गफलत में पड़ गए। कुछ कर्मचारियों ने देर शाम तक यह रकम वापस निगम के खाते में लौटाई। कई ऐसे भी हैं,जिन्होंने खाते से वेतन निकालकर इसे खर्च कर डाला। कई वेतन वापसी के मैसेज से अंजान रहे।
विकास काम व ठेकेदारों के भुगतान में हाथ तंग
भोपाल नगर पालिक निगम राजस्व जुटाने में फिसड्डी व फिजूलखर्ची के लिए बदनाम रहा है। विकास से जुड़े कामकाज व ठेकेदारों के भुगतान के आमतौर पर तंगहाली के चलते अटकते देखे गए,लेकिन नए साल में दोहरा वेतन बांटना शहर में चर्चा का विषय रहा। अपनी खामी छिपाने निगम अधिकारी अब इसके लिए बैंक को जिम्मेदार बता रहे हैं।
बैंक की गल्ती से बंटा दोहरा वेतन,वापस मिला:आयुक्त
इस संबंध में निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि बैंक की गल्ती से 1055 कर्मचारियों को वेतन का डबल भुगतान हो गया था। उन्होंने कहा कि हमने संबंधित कर्मचारियों की सूची एक ही बार बैंक को भेजी है। वहीं,अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर ने कहा कि यह रकम करीब दो—तीन करोड़ है। बैंक को इस बारे में सूचित किए जाने पर समूची राशि वापस निगम के खाते में भी आ गई। अब कोई इश्यू नहीं है।
















