महिला जज ने लिखा… इठलाती, नाचती छः साल की परी थी…88 दिन में सुनाई फांसी की सजा

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Seoni-Malwa(Janprachar.com).सिवनी मालवा के नयापुरा में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म कर हत्या करने वाले को कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी सजा सुनाई। इस मामले में रिकॉर्ड 88 दिन में फैसला आया है। इसके अलावा आरोपी पर 3 हजार रुपए जुर्माना और बच्ची के माता-पिता को 4 लाख रुपए का प्रतिकर स्वरूप दिए जाने का आदेश दिया।
2 जनवरी की रात घर में सो रही बच्ची को आरोपी अजय बाडिवा (धुर्वे) जंगल में ले गया था। नहर किनारे दुष्कर्म किया और मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया 2 जनवरी 2025 को बच्ची अपने मामा के घर आई थी। आरोपी उसी घर में पलंग के नीचे सो रहा था, जिसे बच्ची की मां और मामा ने भगा दिया था।
अजय जाते-जाते कहकर गया कि एक लड़की मुझे दे दो। इसके बाद बच्ची को मां ने सुला दिया। कुछ देर बाद बच्ची को आरोपी उठाकर ले गया। जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया और हत्या कर दी। बच्ची की मां ने आरोपी पर शंका जताई थी। पुलिस ने उसी रात आरोपी को गांव से गिरफ्तार किया। उसने दुष्कर्म कर हत्या करना कबूल किया। जज ने फैसले में बच्ची के दर्द पर कविता भी लिखी…
महिला जज की कविता… इठलाती, नाचती छः साल की परी थी…
2 और 3 जनवरी की थी वो दरमियानी रात
जब कोई नहीं था मेरे साथ।
इठलाती, नाचती छः साल की परी थी,
मैं अपने मम्मी-पापा की लाडली थी।
सुला दिया था उस रात बड़े प्यार से मां ने मुझे घर पर,
पता नहीं था नींद में मुझे ले जाएगा।।
“वो” मौत का साया बनकर।
जब नींद से जागी तो बहुत अकेली और डरी थी मैं,
सि​सकियां लेकर मम्मी-पापा को याद बहुत कर रही थी मैं।
न जाने क्या-क्या किया मेरे साथ,
मैं चीखती थी, चिल्लाती थी,
लेकिन किसी ने न सुनी मेरी आवाज़।
थी गुड़ियों से खेलने की उम्र मेरी,
पर उसने मुझे खिलौना बना दिया।
“वो” भी तो था तीन बच्चों का पिता,
फिर मुझे क्यों किया अपनों से जुदा।
खेल-खेलकर मुझे तोड़ दिया,
फिर मेरा मुंह दबाकर,
मसला हुआ झाड़ियों में छोड़ दिया।
हां मैं हूं निर्भया, हां फिर एक निर्भया,
एक छोटा सा प्रश्न उठा रही हूं
जो नारी का अपमान करे
क्या इंसाफ निर्भया को मिला
वह मुझे मिल सकता है।
                            -तबस्सुम खान, विशेष न्यायाधीश