भोपाल(Janprachar.com)। मप्र भाजपा के जिलाध्यक्षों को लेकर दिल्ली में दो दिन चले मंथन के बाद तय हुआ कि पार्टी प्रदेश कार्यालय इनकी एकजाई सूची जारी नहीं करेगा,बल्कि जिलों में ही अध्यक्षों के नामों को ऐलान किया जाएगा। यह औपचारिक घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी व पर्यवेक्षक करेंगे।
इसके लिए वे जिले के पदाधिकारियों की बैठक भी बुलाएंगे। जैसे-जैसे जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान होगा,उसी आधार पर पार्टी प्रदेश कार्यालय से जिलाध्यक्षों को लेकर जानकारी प्रेस नोट के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी।
तीखे विरोध के आसार
दरअसल,जिलाध्यक्ष पदों को लेकर मचे घमासान व सूची घोषित होने पर तीखे विरोध के आसार है। इससे पार्टी की किरकिरी भी होती। इससे बचने यह बीच का रास्ता निकाला गया। जिलों में विरोध होता भी है तो लामबंदी होने व इसके स्वर राजधानी तक पहुंचने में वक्त लगेगा।
दो दिन चला दिल्ली में मंथन
बता दें कि भोपाल में तमाम नेताओं, सांसदों, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मंगलवार शाम दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में दो दिन चली बैठक में सभी जिलों के जिलाध्यक्षों के नाम तय करने को लेकर मंथन हुआ।
रायशुमारी में नहीं बनी बात
इससे पहले बीजेपी ने जिलों में रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी की। गत 3 जनवरी को भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के साथ रायशुमारी की गई। टेबुलेशन शीट और पैनल पर भी चर्चा हुई,लेकिन कुछ जिलों में स्थानीय नेताओं में जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर खींचतान जारी रही।
बड़ा मतभेद कुछ वर्तमान जिलाध्यक्षों को दूसरी बार मौका देने को लेकर सामने आया। इसके बाद,पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने सूची दिल्ली तलब की।