मप्र विस चुनाव: पहली बार बुजुर्ग,दिव्यांगों को घर से वोटिंग की सुविधा

17
*मतदान से पांच दिन पहले निर्वाचन आयोग की टीम कराएगी मतदान
*4 अक्टूबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट *5 हजार पोलिंग बूथ संभालेगी महिलाएं

भोपाल (Janprachar.com)। प्रदेश के 12 लाख मतदाताओं को निर्वाचन आयोग घर से मतदान करने की सुविधा देगा। इसमें 80 वर्ष से अधिक आयु और दिव्यांग मतदाता शामिल होंगे। इन्हें इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए फार्म 12 डी भरकर चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के भीतर निर्वाचन अधिकारी को देना होगा। आयोग की टीम मतदान के पूर्व घर पहुंचेगी और डाक मतपत्र भरवाकर सीलबंद लिफाफे में जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कराएगी। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी।

इस बार कर्मचारियों को घर से डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें प्रशिक्षण और चुनाव ड्यूटी पर रवाना होने से पहले मतदान करना होगा। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को भोपाल में पत्रकारवार्ता के दौरान दी।चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, कलेक्टर-कमिश्नर, आइजी और पुलिस अधीक्षक से फीडबैक लेने के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि अधिकतर तैयारियों हो चुकी हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राजनीतिक दलों ने परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक केंद्र पर रखने] अपात्रों के नाम हटाने की मांग की थी। इसके लिए सभी मतदाता सूची देखें और यदि कोई त्रु़टि है तो उसमें सुधार के लिए आवेदन करें। 95 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां राज्य के औसत से कम मतदान हुआ था। इस बार प्रत्येक विधानसभा में कम मतदान वाले 50-50 केंद्र चिह्नित करके मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

शराब, नकदी बांटे जाने की शिकायत सी विजिल एप पर की जा सकेगी। 100 मिनट के भीतर कार्रवाई होगी। उम्मीदवार को पहचानने के लिए केवाइसी एप रहेगा। इसमें आपराधिक रिकार्ड से लेकर पूरा ब्योरा मिलेगा। फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर नजर रहेगी।
अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं तो बैंक अधिकारियों से कहा है कि वे अनियंत्रित धन की निकासी पर नजर रखें। इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडे, अरुण गोयल, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समय पर होंगे चुनाव
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर कहा कि संविधान और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में इसको लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं। आयोग का काम चुनाव कराना है। पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पहले चुनाव कराए जाते हैं . उसके अनुसार ही समय पर चुनाव होंगे। भाजपा द्वारा घोषित 39 प्रत्याशियों द्वारा खर्च की जा रही राशि को निर्वाचन व्यय में जोड़ने के प्रश्न पर कहा कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशी माना जाता है . उस समय पूरी नजर रखी जाएगी।

35 हजार मतदान केंद्रों की होगी वेबकास्टिंग
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग कराने की मांग की थी। हमने तय किया है कि 50 प्रतिशत केंद्र यानी 35 हजार केंद्रों की वेबकास्टिंग कराई जाएगी। सभी संवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट की सुरक्षा त्रि-स्तरीय रहेगी। इसमें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य का सशस्त्र बल और जिला पुलिस बल की तैनाती होगी।

पहली बार के मतदाताओं पर फोकस
प्रदेश में 18 से 19 आयु वर्ग के 18 लाख 86 हजार मतदाता हैं। ये पहली बार मतदान करेंगे। इनके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। आयोग द्वारा मतदाता बनने के लिए वर्ष में चार तिथियां घोषित करने के कारण विधानसभा चुनाव में चार लाख 73 हजार नव मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर पाएंगे।

सौ प्रतिशत बैगा, भारिया और सहरिया मतदाताओं के नाम सूची में
आयोग ने बताया कि प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया की आबादी 9.91 लाख है। इनमें से 18 वर्ष से अधिक आयु के संख्या 6,37,681है। इन सभी के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। यानी सौ प्रतिशत नाम दर्ज हैं। दो सौ मतदान केंद्र ऐसे रखे गए हैं, जिनका संचालन इन्हीं समुदाय के व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा। पांच हजार मतदान केंद्र महिलाएं संभालेंगी और 1,150 मतदान केंद्र युवा अधिकारियों-कर्मचारियों के जिम्मे रहेंगे। 15 हजार मतदान केंद्रों को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा।