भोपाल। मध्य प्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशनरों को शिवराज सरकार ने बड़ी राहत दी है। पेंशनरों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। इसके बाद पिछली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति भी दे दी गई थी।
सरकारी खजाने पर आएगा 400 करोड़ रुपये से ज्यादा भार
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश के पेंशनरों और उनके परिवार को एक जुलाई 2023 से देय महंगाई राहत की दर में चार प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। अब सातवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 42 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों को 221 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी। इससे सरकार के खजाने पर लगभग 410 करोड़ रुपये का भार आएगा। छग सरकार की सहमति के बाद लिया था निर्णय
यहां पर यह भी बता दें कि पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि के लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के अनुसार मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य के बीच सहमति चाहिए। यही कारण है कि जब प्रदेश सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाती है तो छत्तीसगढ़ सरकार को महंगाई राहत में वृद्धि के लिए सहमति देने संबंधी पत्र भी लिखती है। वित्त विभाग ने जनवरी से पांच प्रतिशत महंगाई राहत में पांच प्रतिशत की वृद्धि के लिए पत्र लिखा था लेकिन सहमति नहीं मिली। दो अगस्त को छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने अपने यहां जुलाई से महंगाई राहत 33 से बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने का निर्णय लेते हुए सहमति दी। जबकि, प्रदेश के कर्मचारियों को जनवरी से चार प्रतिशत की वृद्धि के साथ 42 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया।