संत रविदास ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

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Saint Ravidas did unprecedented work for Indian culture and harmony - Chief Minister Shivraj Singh

प्रधानमंत्री श्री मोदी 12 अगस्त को सागर में संत श्री रविदास जी के भव्य मंदिर और स्मारक का शिलान्यास करेंगेSaint Ravidas did unprecedented work for Indian culture and harmony - Chief Minister Shivraj Singh

भोपाल, 10 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज सागर जिले के बड़तूमा में बन रहे संत रविदास मंदिर के निर्माण स्थल के अवलोकन के बाद ढाना ग्राम में आगामी 12 अगस्त को होने वाली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की तैयारी का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 अगस्त को बड़तुमा (सागर) में 100 करोड़ रूपये की लागत से संत शिरोमणि रविदास जी के भव्य मंदिर एवं विशाल स्मारक का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत विधायकद्वय शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया, खनिज निगम के उपाध्यक्ष राजेंद्र मोकलपुर, महापौर संगीता तिवारी, गौरव सिरोठिया,श्री प्रभु दयाल पटेल, लता वानखेड़े, शैलेश केशरवानी, अनिल तिवारी सहित अनेक जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सभा स्थल के मंच, हैलीपैड, डोम का अवलोकन कर अन्य सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि संत रविदास महाराज ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। संत रविदास ने कर्म को महत्व दिया। वे परिश्रम से जो भी अर्जित करते थे, उसे संत सेवा और समाज को अर्पित कर देते थे। कई राजा और मीराबाई भी उनके शिष्य थी। संत रविदास वास्तव में सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने सागर में विगत 8 फरवरी को संत रविदास मंदिर की योजना को भव्य रूप देकर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसके परिप्रेक्ष्य में अब भव्य और अलौकिक मंदिर बनेगा। उन्होंने बताया कि सभा स्थल पर सभी तैयारियाँ पूरी हो गई है ।सागर जिले का प्रत्येक नागरिक सौभाग्यशाली है कि जिले की भूमि पर मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए वैश्विक नेता और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 अगस्त को आगमन हो रहा है ।श्री चौहान ने बताया कि मंदिर नागर शैली में 10000 वर्ग फुट में बनेगा। इंटरप्रिटेशन म्यूजियम बनेगा। संस्कृति और रचनात्मक के साथ संत रविदास के कृतित्व-व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय भी बनेगा। संग्रहालय में चार गैलरी बनेगी, जिनमें भक्ति मार्ग, निर्गुण पंथ में योगदान, संत जी का दर्शन और उनके साहित्य, समरसता का विवरण भी रहेगा। लाइब्रेरी के अलावा संगत हाल, जल कुंड, भक्त निवास भी बनेगा, जो अध्यात्मिक सुविधाओं से युक्त होगा। भक्त निवास में देश विदेश से संत रविदास के अनुयायी और अध्येता आएंगे, जिन्हें संत जी के जीवन से प्रेरणा मिलेगी। पन्द्रह हजार वर्गफुट में भोजनालय का निर्माण होगा। मंदिर में दो भव्य प्रवेश द्वार होंगे, सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग की व्यवस्था भी रहेगी।