लाड़ली बहना:महिलाओं को एक नहीं,3 हजार रुपए मासिक तक देगी शिवराज सरकार

24

* अब 21 साल की विवाहित बहनों को भी मिलेगा योजना का लाभ
* उम्र घटने से 5 लाख से अधिक महिलाएं योजना से जुड़ेंगी
* 5 साल में सभी बहनें लखपति क्लब में होंगी शामिल
* वृद्ध महिलाओं को भी मिलेगी हजार रुपए मासिक पेंशन
* सीएम शिवराज के ‘मास्टर स्ट्रोक’ से विपक्षी दल अवाक

भोपाल,जनप्रचार। प्रदेश की शिवराज सरकार लाड़ली बहना योजना से जुड़ी सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को एक हजार नहीं ​बल्कि तीन हजार रुपए मासिक तक की नकद आर्थिक सहायता देगी। यही नहीं इसका लाभ अब 21 साल की विवाहित महिलाओं को भी मिल सकेगा। चुनावी साल में शिवराज सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ‘मास्टर स्ट्रोक’मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने गत 10 जून को योजना में पंजीबद्ध सवा करोड़ से अधिक हितग्राही महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपए के मान से 1209.64 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। यही नहीं,इस मौके पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार योजना से जुड़ी सवा करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को एक हजार नहीं बल्कि तीन हजार रुपए मासिक तक की नकद सहायता प्रदान करेगी। यह राशि साल दर साल चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। इस तरह,योजना से जुड़ी महिलाएं आगामी पांच साल में लखपति क्लब में शामिल होगी। अर्थात सरकार योजना से संबंद्ध महिला हितग्राहियों को पांच साल में करीब एक लाख रुपए तक की ​आर्थिक सहायता देगी।

इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नहीं,मुख्यमंत्री ने योजना के लिए विवाहित हितग्राही महिला की न्यूनतम उम्र 23 से घटाकर 21 वर्ष करने की भी घोषणा की। उम्र में दो साल की कमी होने का लाभ प्रदेश की पांच लाख से अधिक और महिलाओं को मिलने के आसार है। इस तरह योजना की हितग्राही महिलाओं की संख्या सवा करोड़ से बढ़कर एक करोड़ तीस लाख से अधिक हो जाएगी। वर्तमान में 23 से 60 वर्ष की विवाहित बहनें योजना में पात्र हैं। बहनों की आय कम से कम 10 हजार रूपए मासिक होना चाहिए।

जबलपुर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों और आर्थिक समृद्धि की योजनाओं से लाभान्वित करते हुए बहनों की जिंदगी में सुख और आनंद लाने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को वे अपना परिवार मानते हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की सभी बहनों को हाथ जोड़ कर प्रणाम किया।

उन्होंने अपने संबोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि – “नारी तू नारायणी, इस जग की पालनहारिणी”। माँ अन्नपूर्णा है तू ही, है तू ही वीणा वादिनी, है शक्ति स्वरूपा जगदंबा, है नारी तू नारायणी, इस जग की पालनहारिणी। हमारी भारतीय संस्कृति में भगवान से पहले माँ का नाम आता है, यथा-सीताराम, राधेश्याम, गौरीशंकर, लक्ष्मीनारायण।

चौहान ने कहा कि वे बहनों को अब परिवार में आर्थिक रूप से किसी विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में मिलने वाली राशि उनके जीवन में आनंद लाने का कार्य करेगी। परिवार में बच्चों के लिए दूध, फल, दवाई लाने, उनकी पढ़ाई के प्रबंध को बेहतर बनाने में योजना की राशि उपयोगी होगी। परिवार में बहन के साथ बच्चों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

बनेंगी लाड़ली बहना सेनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में लाड़ली बहना सेनाएँ भी बनेंगी। बड़े ग्रामों में 21 सदस्य और छोटे ग्रामों में 11 सदस्य वाली सेनाएँ गठित होंगी। लाड़ली बहना सेना अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ेंगी। यह सेनाएँ महिलाओं को उनके कल्याण की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगी।चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक महिला कल्याण योजनाओं से बहनों और बेटियों का सशक्तिकरण किया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्व-सहायता समूहों द्वारा आर्थिक उन्नयन की गतिविधियों से बहनें सशक्त हुई हैं।

पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने बंद कर दीं थी योजनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि पूर्व सरकार ने बेटियों को लेपटाप प्रदान करने, बैगा, सहरिया और भारिया जनजाति की बहनों को प्रति माह दी जाने वाली आहार अनुदान राशि का भुगतान बंद कर दिया था जिसे हमारी सरकार ने पुन: प्रारंभ किया। पूर्व सरकार ने और भी कई कल्याणकारी योजनाएँ बंद करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों को पोषण के लिए दी जाने वाली राशि का ही विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का निर्माण किया गया। बहनों का कष्ट और दुख वे अपना कष्ट मानते हैं। बहनों के सम्मान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत और पुलिस में 30 प्रतिशत स्थान बेटियों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इसी तरह बेटियों और बहनों के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री की जाने पर मात्र एक प्रतिशत शुल्क लिया जाता है।

बनाएं अपनी जिंदगी बेहतर
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज का दिन स्वर्णिम दिन है। बेटियाँ और बहनें अब रोने या विलाप करने का कार्य नहीं करेंगी। आनंद की अनुभूति से उनके जीवन को बेहतर बनाना प्रमुख उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं का आहवान किया कि वे अपने आँसू पोछकर घरों से बाहर निकले, अपनी जिंदगी बेहतर बनाये। श्री चौहान ने महिलाओं का अपना परिवार बनाने, देश बनाने के लिए संकल्पबद्ध होने को कहा।

शिवराज के मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष अवाक
महिलाओं के कल्याण,उन्हें आत्म रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने को लेकर प्रदेश की शिवराज सरकार शुरुआत से ही काफी संवेदनशील रही है। बेटियों के लिए लाड़ली लक्ष्मी,बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,उड़ान,शौर्या दल,तेजस्वनी,मुख्यमंत्री कन्या विवाह,निकाह योजना,स्कूली छात्राओं को सायकिल वितरण,विभिन्न श्रेणी में नि:शुल्क शिक्षा,बेटियों को उच्च शिक्षा में विशेष सहायता,कौशल उन्नयन,उद्योग स्थापना में महिला उद्यमियों को विशेष प्रा​थमिकता एवं प्रोत्साहन,अनुसूचित जनजाति वर्ग की विशेष पिछड़ी उपजाति बैगा,सहरिया,भारिया महिलाओं को एक हजार रुपए मासिक ​आहार अनुदान,स्व सहायता समूहों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने,तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को साड़ियां,चप्पल व दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं का वितरण सहित अनेक ऐसी योजनाएं जिनके माध्यम से राज्य सरकार ने हर उम्र,हर वर्ग की बेटियों,महिलाओं का कल्याण करने का कार्य किया है।

इसी क्रम में लाड़ली बहना सरकार की एक और अभिनव व महत्वाकांक्षी योजना है। प्रारंभिक चरण में प्रत्येक हितग्राही महिला को एक हजार रुपए मासिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने जबलपुर में आयोजित उक्त कार्यक्रम से की।योजनान्तर्गत ढाई सौ रुपए की चरणबद्ध तरीके से वृद्धि कर यह राशि तीन हजार रुपए मासिक तक किए जाने की योजना है।

इसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री ने योजना राशि अंतरण के अवसर पर की। कार्यक्रम में बीजेपी सांसद व प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ,सांसद राकेश सिंह,प्रदेश सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि व बीजेपी नेता मौजूद रहे। शिवराज सरकार द्वारा योजना की मासिक सहायता राशि तीन गुना तक बढ़ाए जाने की घोषणा से विपक्षी दल अवाक हैं। विशेषकर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को इससे तगड़ा झटका लगा है। जिसने लाड़ली बहना योजना की नकल करते हुए अपनी सरकार बनने पर नारी सम्मान योजना शुरू करने व भावी हितग्राही महिलाओं को डेढ़ सौ रुपए मासिक देने की बात कही थी। हालांकि बीजेपी पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर जनता संग वादा खिलाफी के आरोप लगाती रही है। इनमें दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी व 4 हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। इनका वायदा प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश के पिछले चुनाव के दौरान किया था,लेकिन वह इन पर खरी नहीं उतर सकी।
हितग्राही महिलाओं में प्रसन्नता का वातावरण
लाड़ली बहना योजना को लेकर प्रदेश की आधी आबादी कही जाने वाली महिला शक्ति में गजब का उत्साह है। जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्नेहवश महिलाओं ने मुख्यमंत्री शिवराज का पुष्प वर्षा कर न केवल आत्मीय स्वागत किया,बल्कि उन्हें एक बड़ी सी राखी भी भेंट की गई। यह पहली ऐसी योजना है जिसे सिर्फ तीन माह में सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया। यही नहीं सिर्फ 35 दिन में सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के आनलाइन पंजीयन कर उनके खातों में राशि पहुंचाने का कार्य भी किया गया। लाड़ली बहना को फुल प्रूफ सुरक्षित योजना भी बताया जा रहा है। इसके अंतर्गत वास्तविक हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह सीधे एक हजार रुपए की राशि पहुंचेगी।