Bhopal Huzur Constituency: “राजधानी भोपाल में आवासीय इलाके का विस्तार होने पर कोलार, बैरागढ़ एवं आसपास के 185 गांवों को मिलाकर एक नई विधानसभा बनी–नाम रखा गया हुजूर.. जो इस क्षेत्र की तहसील का भी नाम है। 2008 में अस्तित्व में आई इस विधानसभा में अब तक हुए 3 चुनाव हुए। तीनों ही बार यहां बीजेपी बहुमत से जीती। यहां तक कि शुरुआती चुनाव में इसी दल के दो बागियों ने भाग्य आजमाइश की लेकिन जीत सिर्फ बीजेपी को मिली..लोगों की मूलभूत समस्याएं यहां भी खूब हैं..लेकिन अब तक के परिणाम बताते हैं कि मुद्दों से अधिक यहां बीजेपी प्रभावी रही है.. “
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रवि अवस्थी,भोपाल। भोपाल को बीजेपी के प्रभाव वाला जिला कहा जाता है..इसकी अधिकांश विधानसभा सीटों पर लंबे समय से ‘कमल’ खिलता रहा है..एक समय था जब भोपाल में सिर्फ चार विधानसभा सीटें हुआ करती थीं..2008 के बाद तीन और सीटें नई बनीं..इनमें एक है,हुजूर विधानसभा क्षेत्रBhopal HuzurConstituency.. यथा नाम तथा गुण ..शायद,यही रहा इस क्षेत्र के मतदाताओं का मिजाज..अब तक हुए तीन चुनाव में यहां सिर्फ बीजेपी को ही सफलता मिली है..पहला चुनाव युवा नेता जितेंद्र मन्नू डागा तो बीते दो बार के चुनाव हिंदूवादी छवि की नेता रामेश्वर शर्मा ने बहुमत से जीते.. हुजूर को भाजपा के लिए सुरक्षित सीट माना जाता है…लेकिन 2023 के चुनाव में क्या होंगे इस सीट के सियासी समीकरण,यह जानने से पहले एक नजर हुजूर सीट के पुराने चुनावी इतिहास पर..
बीजेपी के बागी भी नहीं दिला सके कांग्रेस को जीत
बीते कुछ दशकों के दौरान राजधानी Capital भोपाल का चहुं और विस्तार हुआ है…इनमें कोलार,उपनगर बैरागढ़, नीलबड़ Neelbad सहित अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं..इसे देखते हुए 2008 के परिसीमन में इन कस्बों व 185 गांवों को मिलाकर हुजूर विधानसभा अस्तित्व में आई। पहले चुनाव में यहां बीजेपी के जितेंद्र डागा ने करीब 37 प्रतिशत मत हासिल कर अपने निकटतम निर्दलीय प्रतिद्वंदी को लगभग 17 हजार मतों से शिकस्त दी..खास बात यह कि हुजूर के पहले चुनाव में बीजेपी के ही तीन नेताओं के बीच मुकाबला हुआ..इनमें दो भगवानदास सबनानी व भागीरथ पाटीदार बागी के तौर पर मैदान में उतरे..बावजूद इसके यहां कांग्रेस के राजेंद्र मीणा तीसरे स्थान पर रहे..उन्हें सिर्फ 21 प्रतिशत वोट मिल सके…
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हुजूर सीट के अब तक के परिणाम
वर्ष निर्वाचित प्रत्याशी पार्टी जीत का मार्जिन
2008 जितेंद्र डागा बीजेपी 17 हजार
2013 रामेश्वर शर्मा बीजेपी 60 हजार
2018 रामेश्वर शर्मा बीजेपी 16 हजार
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बाद के दो चुनाव यानी 2013 व 2018 में यहां बीजेपी,कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा…2013 के चुनाव में बीजेपी के रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के राजेंद्र मंडलोई को करीब 60 हजार से एवं 2018 के चुनाव में इसी दल के नरेश ज्ञानचंदानी को लगभग 16 हजार मतों से पराजित किया…बीते साढ़े चार सालों में हुजूर के बीजेपी विधायक रामेश्वर (In Photo) MLA Rameshwar Sharma और मजबूत बनकर उभरे….क्षेत्र ही नहीं ,उनकी अपनी पार्टी में भी पूछ -परख बढ़ी — विधानसभा में सबसे अधिक समय तक प्रोटेम स्पीकर रहने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है।
ग्रामीण मतदाताओं की बड़ी भूमिका
हुजूर Huzur assembly के जातिगत समीकरण पर नजर डालें तो 3 लाख 48 हजार 786 मतदाता वाली इस सीट पर सर्वाधिक एक लाख संख्या सामान्य वर्ग के मतदाताओं की है..वहीं सिंधी 58 से 60 हजार ,अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाता 30 से 32 हजार,मीणा एवं अन्य ओबीसी 20 से 22 हजार एवं मुस्लिम वोटर 35 से 40 हजार अनुमानित हैं..मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में बसता है..और अब तक के तीनों चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं की ही जीत-हार में भूमिका अहम रही है…
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हुजूर के जातिगत समीकरण
* कुल मतदाता 3,48,786
* सामान्य वोटर करीब 1 लाख
* अजा,अजजा 30 से 32 हजार
* मीणा 20 से 22 हजार
* मुस्लिम 35 से 40 हजार
* सिंधी 58 से 60 हजार
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बदली दशा व दिशा



** अवैध कालोनियां व इनका बेतरतीब नियोजन,














