लखनऊ/भोपाल/ पाली,उमरिया। भारत में आज चांद नजर आ गया है। इसलिए अब ईद-उल-फितर 22 अप्रैल यानी शनिवार को मनाई जाएगी। ईद-उल फितर Eid-ul-Fitr रमजान के समापन का प्रतीक है।
लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने एजेंसी एएनआई से कहा कि आज चांद दिख गया है और कल देश में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा।इधर,भोपाल में भी शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि ईद शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुबह 7 बजे पहले ईदगाह में ईद की नमाज अता होगी। वहीं जामा मस्जिद पर सुबह 7:15 बजे,ताजुल मस्जिद में 7:30 बजे एवं मोती मस्जिद में सुबह 7:45 बजे ईद की नमाज होगी। शुक्रवार शाम चांद नजर आते ही इस्लाम धर्मावलंबियों ने एक दूसरे को बधाई दी। ईद को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।लोगों ने देर रात तक ईद के लिए जमकर खरीदारी की।
पाली में भी शनिवार को मनाई जाएगी ईद
इधर,हमारे उमरिया जिले के पाली संवाददाता विक्की दहिया के अनुसार,पाली में भी शनिवार को ईद हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। शुक्रवार को रमजान का अंतिम जुमा होने पर यहां विशेष नमाज अता की गई। चांद नजर आते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। पाली नगर के बाजार में ईद को लेकर रौनक रही एवं देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।
रमजान का है विशेष महत्व
भारत में रमजान के पाक महीने की शुरुआत बीते माह 24 मार्च को हुई थी, जो कि इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना होता है। इस तरह 29वें रोजे के बाद इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के 10वें महीने जिसे शव्वाल कहा गया है, उसके पहले दिन ईद मनाई जाती है।इस दिन जकात यानी दान का भी काफी महत्व है, कुरान की मानें तो ईद के अवसर पर किसी गरीब व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करने से अल्लाह की कृपा सदैव बनी रहती है।
अमन और भाईचारे का त्योहार
ईद के अवसर पर लोग नये-नये कपड़े पहनते हैं, आपस में गले मिलकर एक दूसरे को सेवइयां खिलाते हैं और उपहार देते हैं। इस्लाम धर्म का यह त्योहार मूलरूप से अमन और भाईचारे को बढ़ावा देता है तथा अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं अनुसार पैगम्बर मुहम्मद साहब ने सन् 624 ईस्वी. में बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी। कहते हैं इसी जीत की खुशी में उन्होंने ईद-उल-फितर मनाते हुए लोगों का मुंह मीठा किया था। इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-फितर के दिन मीठी सेवई बनाकर एक-दूसरे को खिलाते हैं।