रवि अवस्थी,भोपाल। यूं तो भोपाल जिले की अधिकांश सीटें बीजेपी की गढ़ हैं,लेकिन पुराने शहर की उत्तर विधानसभा सीट Bhopal North Constituencyउसके लिए अब तक प्रयोगशाला की तरह रही है..जहां एक मौके को छोड़ शेष समय उसके प्रयोग असफल होते रहे..
मुस्लिम बाहुल्य भोपाल उत्तर में विगत 25 वर्षों से कांग्रेस के आरिफ अकील Aarif Aqeel का कब्जा है..लेकिन बढ़ती उम्र के साथ अकील अस्वस्थ हैं..कांग्रेस में यहां उनकी विरासत को सहेजने वाला कोई बड़ा व प्रभावी चेहरा नहीं..ऐसे में बीजेपी BJP के लिए अभेद किला रही इस सीट को लेकर उसकी उम्मीदें बढ़ गई हैं..
……………………………… * 1977 में अस्तित्व में आई थी भोपाल उत्तर सीट * अब तक 10 चुनाव में छह आरिफ अकील ने जीते * मुस्लिम बाहुल्य सीट पर सिर्फ 1 बार जीती बीजेपी * पहले चुनाव में जनता पार्टी ने फहराया था परचम * पार्टियों का नहीं,आरिफ का गढ़ रही भोपाल उत्तर * आरिफ अकील की छवि ही रही है उनकी ताकत
……………………………….
1998 से कांग्रेस का लगातार कब्जा
भोपाल उत्तर में वर्ष 1998 से कांग्रेस Congress का लगातार कब्जा है,लेकिन इसे कांग्रेस की जगह मौजूदा विधायक आरिफ अकील के प्रभाव वाली सीट कहना ज्यादा ठीक होगा..जो इस सीट से छह बार के विधायक है..अकील ने इस सीट से अपना चुनावी सफर वर्ष 1990 में शुरू किया..
तब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी हसनात सिददकी Hasnat Siddiqui को तीसरे नंबर पर ला दिया था..
कांग्रेस उम्मीदवार को तब करीब आठ हजार वोट ही हासिल हुए..1993 के चुनाव में कांग्रेस ने दो बार के अपने पूर्व विधायक,पूर्व मंत्री रसूल अहमद सिददकी को मैदान में उतारा,लेकिन इस बार भी मुख्य मुकाबला जनता दल से चुनाव लड़े आरिफ अकील व बीजेपी के रमेश शर्मा गुट्टू Ramesh Sharma ‘Guttu’ के बीच ही रहा..
इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सिद्दीकी महज 7,409 वोट पाकर बुरी तरह पराजित हुए..खास बात यह कि तब पहली बार बीजेपी ने यहां अपना खाता खोला..रमेश शर्मा गुट्टू हर वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी पैठ की बदौलत निर्वाचित हुए..बाजी पलटने पर कांग्रेस ने आरिफ से हाथ मिलाया..और 1998 में आरिफ अकील बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे –
तब से अब तक वह लगातार पांच बार के विधायक हैं..हालांकि इस अवधि के दरमियान हुए चुनाव में भाजपा के रामेश्वर शर्मा,आलोक शर्मा,आरिफ बेग और पिछले चुनाव में पूर्व कांग्रेसी मंत्री रसूल अहमद की बेटी फातिमा सिद्दीकी Fatima Siddqui ने अकील को कड़ी टक्कर दी,लेकिन वह अकील के विजयी रथ को रोकने में नाकाम रहे…
………………………………….. उत्तर सीट के अब तक रहे विधायक 1977 हामिद कुरैशी जनता पार्टी 1980 रसूल अहमद सिद्दीकी कांग्रेस 1985 रसूल अहमद सिद्दीकी कांग्रेस 1990 आरिफ अकील स्वतंत्र 1993 रमेश शर्मा बीजेपी 1998 से आरिफ अकील 5 बार कांग्रेस 2018
…………………………………..
राजधानी की उत्तर सीट को मूल भोपाल कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा..दरअसल,नवाबी दौर में भोपाल का कुल क्षेत्रफल ,आज की उत्तर सीट जितना ही था..पुराने शहर के नाम से पहचानी जाने वाली यह सीट मुस्लिम बाहुल्य बस्ती है..यह राजधानी का प्रमुख व्यवसायिक केंद्र तो है ही लेकिन मूल भोपालियों की बात करें तो उनमें ज्यादातर इसी क्षेत्र में निवास करते हैं..लिहाजा इस सीट की संस्कृति एवं सामाजिक ताना-बाना, मिला-जुला है..यहां की गंगा-जमुनी ‘Ganga-Jamuni’ तहजीब Culture की मिसाल इतिहास में दी जाती रही हैं..
और बीते तीन दशक में 6 चुनाव जीतकर आरिफ अकील भोपाल उत्तर की इसी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बने… कांग्रेस के संभवतया वह पहले मुस्लिम विधायक Muslim MLA हैं..जिन्हें सभी वर्गों के मतदाताओं का स्नेह मिलता रहा…लेकिन उम्र दराज अकील लंबे समय से अस्वस्थ हैं..अगले चुनाव में उनके मैदान में उतरने को लेकर संशय बना हुआ है..ऐसे में कांग्रेस के समक्ष यहां किसी दूसरे प्रभावी चेहरे को लेकर संकट है..इसके चलते यहां बीजेपी के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं..
…………………………………… उत्तर सीट में ही बसता है मूल भोपाल उत्तर विधानसभा में मिली-जुली संस्कृति यहां की गंगा -जमुनी तहजीब रही नजीर उत्तर से 6 बार के विधायक हैं अकील भोपाल नार्थ में हैं 45% मुस्लिम वोटर्स
———————————-
भोपाल उत्तर
* विधायक की छवि उत्तम
* सरकार के प्रति नजरिया अच्छा
………………………………….. टिकट दावेदार Aspirant * बीजेपी:पूर्व महापौर आलोक शर्मा,बीजेपी प्रदेश महासचिव भगवानदास सबनानी,बीजेपी भोपाल जिलाघ्यक्ष सुमित पचौरी कांग्रेस:वर्तमान विधायक आरिफ अकील की अस्वस्थता के कारण उनके पुत्र आतिफ अकील,आमिर अकील,पूर्व पार्षद नासिर इस्लाम
…………………………………. वोट शेयर
चुनाव का ट्रेंड 45 फीसद मतदाता मुस्लिम,ध्रुवीकरण Year 2018 2013 2008 कांग्रेस 59.00% 52% 50% बीजेपी 36.00% 47% 47% बीएसपी 1.00% 1.03% 00
………………………………… मुददे Issues * गैस प्रभावित क्षेत्रों में सीवेज की समुचित व्यवस्था नहीं * तंग गलियों में सफाई का अभाव * बढ़ती महंगाई एक बड़ी समस्या * प्रशासन तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार,समय पर नहीं होते जरूरी काम * क्षेत्र के 45 फीसद मतदाता मुस्लिम,चुनाव में ध्रुवीकरण Polarization सामान्य बात * आरक्षण से सामान्य वर्ग त्रस्त, * पेट्रोल,डीजल के बढ़े हुए दाम से मतदाता असंतुष्ट * निम्न वर्ग के अनेक मतदाताओं के पास स्वयं का मकान नहीं