Master stroke : मुख्यमंत्री लाड़ली बहना; 24 दिन में डेढ़ करोड़ पंजीयन

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Ladli behna yojana:

भोपाल(Janprachar.com)। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘लाडली बहना’ Ladli Bahna को CM शिवराज का चुनावी मास्टर स्ट्रोक Master stroke माना जा रहा है। प्रदेश की महिलाओं में योजना को लेकर गजब का उत्साह है। इसका आंकलन इस बात से किया जा सकता है की महज 20 -22 दिनों में ही डेढ़ करोड़ से अधिक महिलाएं योजना अंतर्गत अपना पंजीयन करा चुकी हैं। सरकार ने चयनित पंजीकृत महिलाओं को जून से हजार रूपए महीना देने की बात कही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिये 5 मार्च 2023 को लाँच की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के प्रति महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना की लाँचिंग दिनांक से 18 अप्रैल तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया है।

योजना में 23 से 60 वर्ष तक की ऐसे परिवार जो आयकर दाता नहीं है, की महिलाएँ, परिवार में 5 एकड़ से कम भूमि है और घर में फोर व्हीलर वाहन नहीं है, को योजना में पात्र माना गया है। इन सभी बहनों के पंजीयन की कार्यवाही 30 अप्रैल तक जारी रहेगी।

 

योजना में 25 मार्च से शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया में अब तक एक करोड़ 52 हजार 223 महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया है।  पंजीयन प्रक्रिया में प्रत्येक आवेदक का ई-केवायसी अनिवार्य किया गया है।

किस संभाग में कितनों ने कराया पंजीयन
भोपाल –      10 लाख 75 हजार 918,
चम्बल –        5 लाख 80 हजार 58,
ग्वालियर –    9 लाख 9 हजार 22,
नर्मदापुरम – 4 लाख 36 हजार,
इंदौर –       16 लाख 60 हजार 587,
जबलपुर –  17 लाख 79 हजार 820,
रीवा –         9 लाख 472,
सागर –     10 लाख 95 हजार 571,
शहडोल –   3 लाख 43 हजार 349
उज्जैन –   12 लाख 71 हजार 426
** इस तरह 25 मार्च से शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया में अब तक एक करोड़ 52 हजार 223 महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया है।

योजना को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर

मुख्यमंत्री चौहान योजना के क्रियान्वयन को लेकर काफी संवेदनशील और गंभीर है। उनके द्वारा जिलों में श्रंखलाबद्ध महिला सम्मेलन किये जा रहे हैं।

इन सम्मेलनों में वे बहनों से रू-ब-रू होकर योजना के प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं, साथ ही बहनों के आवेदनों का पंजीयन भी करा रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि सभी पात्र बहनों के बैंक खाते खुलवाये जाकर उनका पंजीयन और ई-केवायसी नि:शुल्क करवाया जाये।

राज्य शासन द्वारा इसके लिये नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। योजना में प्राप्त आवेदनों का मई माह में परीक्षण होगा और 10 जून से पात्र हितग्राही बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपये आना शुरू हो जायेंगे।