नीमच। बांध , विकास के लिए जरूरी हैं..लेकिन यह संबंधित क्षेत्रों के लोगों को उजाड़ते भी हैं। प्रभावितों का पुनर्वास भी होता है,लेकिन अपनी जन्म व कर्म भूमि से बिछड़ने का दर्द जीवन भर बना रहता है।
इसी दर्द की आशंका से ग्रस्त सैकड़ों ग्रामीणों ने नीमच के सिंगोली रतनगढ़ के बीच निर्माणाधीन बांध का काम रुकवाने उग्र प्रदर्शन का सहारा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर की गर्दन पर तलवार रख दी। इरीगेशन विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी भला-बुरा कहा,गाड़ी के कांच फोड़ दिए व काम रुकवा दिया। ठेकेदार की मशीनों को गांव के बाहर कर दिया गया।
उजड़ने के भय से विरोध
दरअसल,जल संसाधन विभाग 52 करोड़ रुपए की लागत से यह बांध निर्माण करा रहा है। इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ ही पेयजल समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। इस बांध के बनने से इलाके से बाणदा व आसपास के कुछ गांव डूब में आएंगे।
ग्रामीणों को अपनी जमीन,घर छीनने का भी भय है। इसके चलते ग्रामीण बांध निर्माण का विरोध कर रहे हैं। एक माह पूर्व ही सिंगोली में आदिवासी समाज ने महासभा कर बांध निर्माण बंद करने की मांग की थी।
इन्होंने निर्माण बंद नहीं करने पर आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी भी दी थी।लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज कर विभाग ने निर्माण कार्य जारी रखा। विभागीय अधिकारियों ने सरकार संपत्ति को हुए नुकसान को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।