MP:कैबिनेट बैठक मंगलवार को,OBC में शामिल होंगे ट्रांसजेंडर,लागू होगा मिलेट मिशन

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भोपाल। राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होगी। इसमें मोटे अनाज को बढ़ावा देने मिलेट मिशन लागू करने एवं हाईकोर्ट के निर्णयानुसार ट्रांसजेंडर को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने आदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के आसार हैं।

केंद्र सरकार ने मौजूदा वर्ष को मिलेट वर्ष घोषित किया है। इसके अंतर्गत देशभर में मोटे अनाज के उत्पादन,इनसे बने खादय पदार्थों को बढावा देने के प्रयास जारी हैं। यहां तक कि सेना में भी मोटे अनाज का उपयोग शुरू किया गया है। इसी क्रम में राज्य सरकार भी प्रदेश में मिलेट मिशन लागू करने पर विचार कर रही है। कल होने वाली कैबिनेट में इसी आशय का एक प्रस्ताव पेश होने व इसे मंजूरी मिलने के संकेत हैं।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,मिशन अंतर्गत मोटे अनाज की फसलों को प्रोत्साहित करने के साथ प्रसंस्करण तकनीक को बढ़ावा देने और प्रमुख शहर व पर्यटन स्थलों में फूड फेस्टिवल का आयोजन होंगे।

मिशन अंतर्गत वर्ष 2024-25 तक किसानों को कोदो-कुटकी, ज्वार एवं रागी के उन्नत प्रमाणित बीज सहकारी एवं शासकीय संस्थाओं के माध्यम से 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। प्रसंस्करण और विपणन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितग्राहियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाएंगे तो राज्य और जिला स्तर पर मेले व कार्यशाला का आयोजन होगा।मिशन के अंतर्गत संचालित होने वाली गतिविधियों पर दो वर्ष में 23 करोड़ रुपये व्यय होंगे।

गेहूं निर्यात नियमों में होगा सुधार
कैबिनेट में इसके साथ ही गेहूं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मंडी शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया था। अब इसमें संशोधन प्रस्तावित किया गया है। बताया जाता है कि बीते साल  प्रदेश से 21 लाख टन गेहूं का निर्यात हुआ पर क्षतिपूर्ति के लिए पांच लाख 23 हजार टन के दावे ही प्रस्तुत किए गए। दरअसल, मंडी शुल्क में प्रतिपूर्ति के जो प्रावधान थे, उसके कारण निर्यातकों काे इसका लाभ ही नहीं मिल पाया, इसलिए अब संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।

इसमें राज्य में उत्पादित गेहूं के स्थान पर राज्य की किसी भी मंडी क्षेत्र में निर्यात के उद्देश्य से क्रय, भुगतान पत्रक के माध्यम से क्रय की गई मात्रा में से 31 मार्च 2023 तक निर्यात और 31 मार्च से 60 दिवस में अभिलेख सहित शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करना शामिल है।

पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल होंगे ट्रांसजेंडर 

प्रदेश में ट्रांसजेंडर को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया जाएगा। इसके लिए पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर निर्णय के लिए कैबिनेट भेजा है।

दरअसल, न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग समझा जाए। इन्हें अलग से आरक्षण दिए जाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए है, इसलिए इसकी आवश्यकता नहीं है। पिछड़ा वर्ग की सूची में ट्रांसजेंडर समुदाय को 94 स्थान पर दर्ज किया जाना प्रस्तावित किया है।

स्कूल को जमीन देगी सरकार
बैठक में सरस्वती शिक्षा समिति सागर को शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए 23 हजार 680 वर्ग फीट भूमि का स्थायी पट्टा देने सहित अन्य प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा।