विक्की दाहिया ,पाली,उमरिया। अपराध की दुनिया बहुत छोटी है और कानून के हाथ बेहद लंबे। अपराधी कितना भी चालाक व सतर्क क्यों न हो,अपराध के दौरान वह जरूर ऐसी कोई गलती करता है,जो कानून को उस तक पहुंचने में मदद करती है। अंतत: उसकी सारी होशियारी धरी रह जाती है।
जिले की बिरसिंहपुर पाली में गत 28 फरवरी को एक हार्डवेयर व्यापारी को कट्टा अड़ाकर लूट करने वाले दो बदमाश भी पाली थाना प्रभारी एवं वर्ष 2000 बैच के अधिकारी आर के धारिया की निगाह से बच नहीं सके। बीती रात पुलिस ने गहन पड़ताल के दौरान एक मामूली सुराग हाथ लगने पर उन्हें धर दबोचा।
सूत्रों के अनुसार,श्री धारिया को हाल ही में सूचना मिली कि एक मार्च को भी शहपुरा एवं कुंडम के बीच लूट की एक वारदात का असफल प्रयास हुआ। इस वारदात में भी आरोपियों ने सफेद रंग की एक्टिवा गाडी का उपयोग किया था। यह बदमाश एक कियोस्क संचालक को लूटने के इरादे से वहां पहुंचे थे , लेकिन मौका नहीं मिलने से उनके इरादे पूरे नहीं हो सके।
बताया जाता है कि वारदात के प्रयास में बदमाशों में एक ने अपना नाम कियोस्क संचालक को बताया था। बस श्री धारिया ने इसी सूत्र पर आगे की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि बदमाशों में से एक जिसने अपना नाम अजय गौंड बताया था।
वह पाली थाना क्षेत्र औढेरा का ही रहवासी व पुराना निगरानी शुदा बदमाश है। इसके खिलाफ पूर्व में भी कई अपराध जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर अजय सिंह को दबोचा।
अजय ने पहले तो पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर वह टूट गया। अजय ने अपने दो अन्य साथी पुष्पेंद्र सिंह बरकडे व सोनू बिहारी उर्फ सतीश मिश्रा के साथ मिलकर हार्डवेयर की दुकान में लूट को अंजाम देना स्वीकार किया। अजय की सुराग देही पर पुलिस ने सोनू को धर दबोचा जबकि तीसरे आरोपी की सरगर्मी से तलाश जारी है।
प्रकरण में आरोपी अजय सिंह गोंड के कब्जे से लूट के दो हजार रुपए,वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा बरामद की गई। जबकि दूसरे आरोपी सोनू बिहारी उर्फ सतीश मिश्रा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल व 4 जिंदा कारतूस व लूट के एक हजार रुपए जब्त किए हैं। बताया जाता है कि तीनों आरोपियों ने लूटी गई दस हजार की रकम आपस में बांट ली थी। पकडे गए दोनों आरोपियों ने कुछ रकम शराबखोरी एवं अय्याशी में खर्च कर दी। पुलिस तीसरे आरोपी पुष्पेंद्र की भी तलाश कर रही है।
यह है मामला
घनश्याम गुप्ता निवासी पाली की रामपुर में हार्डवेयर की दुकान है। गत 28 फरवरी की रात में वह दुकान मंगल करने जा रहे थे । तब ही तीन बदमाश एक्टिवा स्कूटर से दुकान पर पहुंचे और पाइप खरीदने के बहाने दुकान में घुस गए। एक आरोपी ने पिस्टल दिखाकर दुकान संचालक को चिल्लाने को मना किया और तीनों बदमाश ने मारपीट कर गुप्ता के काउंटर से दस हजार रुपए जबरिया निकाल लिए। बदमाश जाते— जाते दुकानदार का मोबाइल फोन भी छीन ले गए। जांच में पता चला कि आरोपी कुरकुचा शहडोल की ओर भागे थे।
एडीजी सागर ने भी लिया था संज्ञान
पुलिस ने मामले की जांच में जुट कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।मामले की गंभीरता को देखते हुए उमरिया एसपी प्रमोद कुमार सिन्हा ने थाना प्रभारी श्री धारिया को बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक सिन्हा ने इनकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपए का इनाम रखा था।
मामला एडीजी शहडोल जोन डीसी सागर के संज्ञान में आने पर उन्होंने भी इसे गंभीरता से लिया व आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए इनाम की घोषणा की। उन्होंने गश्त बढ़ाने तथा त्योहार के मौके पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए।
पुलिस ने निकाला मार्च
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जिले में बढ़ती आपराधिक वारदात व होली को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर सोमवार शाम को मार्च किया।पाली में भी पुलिस ने मार्च निकाला साथ ही रात्रि गश्त भी तेज की गई।
डीजीपी ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
इधर,सोमवार को ही प्रदेश पुलिस के मुखिया व पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने जोन आईजी,रेंज डीआईजी,पुलिस आयुक्त व जिला पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक ली।
















