मप्र विस का बजट सत्र: राज्यपाल केअभिभाषण से हुई शुरुआत,कांग्रेस ने किया विरोध

भोपाल। मप्र की 15वीं विधानसभा का अंतिम बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इसकी शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से हुई। संसदीय कार्यमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने अभिभाषण के लिए कृतज्ञता ज्ञापन सौंपा।

राज्यपाल ने कहा कि 15वीं विधानसभा के 5वें और अंतिम बजट को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अमृत महोत्सव में स्वर्णिम, आत्मनिर्भर भारत बनाने की एक यात्रा शुरू हो गई है।

एमपी कदम से कदम मिलाकर पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए हर संभव योगदान दे रहा है। जी-20 की 8 बैठकों की मेजबानी मिली है। एमपी की छवि पूरी दुनिया में उज्ज्वल हुई।

15 नवंबर 2022 की तारीख अमर हो गई। पेसा कानून लागू हो गया है। जनजातीय भाइयों को जल, जंगल, जमीन से जुडे़ अधिकारों में शक्ति संपन्न बना दिया गया है। 2021-22 आजादी का अमृत महोत्सव जनजातीय सेनानायकों की गौरवगाथाओं से परिपूर्ण रहा है।

रानी कमलापति और टंट्या भील के नाम पर रेलवे स्टेशन सरकार की ओर से इन नायकों के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि बीते 3 साल में 17500 करोड़ से अधिक की लागत के मार्ग बने। अटल टनल, नर्मदा-विंध्य एक्सप्रेस-वे विकास के नए मार्ग साबित होंगे।

आम आदमी के हवाई यात्रा के सपने नए हवाई अड्डों के निर्माण से साकार होंगे। सिंचाई क्षमता को लगातार विकसित किया जा रहा है। संत रविदास महाराज का स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया है।

सरकार सीएम लाडली बहना योजना ला रही है। राजधानी इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर किए जाने से पुराना गौरव वापस लौट आया है। तीर्थ दर्शन योजना पुनः प्रारम्भ कर दी गई है। इंदौर स्वच्छता में देश का नम्बर 1 शहर है। स्मार्ट सिटी परियोजना के क्रियान्वयन में टॉप 10 स्टेट में एमपी में शामिल है। प्रदेश के जन-जन का सहयोग, स्नेह, जनभागीदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने नक्सलियों को मार गिराने का काम किया है। राज्यपाल ने केन-बेतवा परियोजना, महाकाल लोक, पेसा और नए मेडिकल कॉलेज खोलने का भी जिक्र किया।

विस में हल लेकर पहुंचे जीतू,पुलिस से नोंकझोंक
सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी और कुणाल चौधरी विधानसभा में हल लेकर पहुंचे। पटवारी ने कहा, शिवराज सिंह जी गैती लेकर हेलीकॉप्टर में चल सकते हैं, तो क्या हम किसानों का प्रतीक हल लेकर विधानसभा में नहीं आ सकते। पुलिस के रोकने पर उन्होंने हल को महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास रख दिया।

नेता प्रतिपक्ष ने किया ई बजट का विरोध

बजट सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया जाना है। विधानसभा की ओर से इसके लिए विधायकों को टैबलेट दिए जाएंगे। टैबलेट चलाने के लिए ट्रेनिंग भी विधानसभा सचिवालय कराएगा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने डिजिटल बजट का विरोध करने की बात कही है। उन्होंने कहा, विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करूंगा कि मध्यप्रदेश में एससी,एसटी, गरीब,पिछड़े तबके के विधायक हैं। उन्हें पूरी तरह से डिजिटल की जानकारी नहीं है। इस तरह की प्रक्रिया, जिसके पक्ष में ज्यादा लोग नहीं हों, उन्हें पेपर न देकर, डिजिटल बजट देना तानाशाही है।

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