मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को रविवार को बुलाया भोपाल ,बढ़ी सियासी सरगर्मी,तलाशे जा रहे हैं मायने

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर रविवार 19 फरवरी को सभी मंत्री सुबह 9 से रात 9 बजे तक भोपाल में मौजूद रहेंगे। तीन दिन पहले नागपुर में संघ प्रमुख से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस निर्देश से सत्ताधारी दल भाजपा में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है और सभी की निगाहें कल के घटनाक्रमों पर लगी हुई है। हालांकि अधिकृत तौर पर रविवार को राजाभोज विमानतल क्षेत्र में सामूहिक पौधरोपण का है।

इसमें मंत्रिमंडल की सभी सदस्यों के अलावा प्रदेश भाजपा एवं संघ के पदाधिकारियों के भी शामिल रहने के संकेत हैं। बताया जाता है कि इस दौरान एक हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। शाम को मुख्यमंत्री निवास में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसमें शिवराज सरकार की नई महत्वाकांक्षी योजना लाडली बहना व विकास यात्रा कार्यक्रम को लेकर चर्चा होने के आसार है। माना जा रहा है कि आगामी तीन मार्च को राज्य सरकार सांची में धम्म सम्मेलन का एक बडा आयोजन करने जा रही है। इसमें राष्टपति को भी आमंत्रित किए जाने की चर्चा है।

यह तो हुए सरकारी कार्यक्रम,लेकिन राज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री का अचानक नागपुर जाना और वहां से लौटते ही सभी मंत्रियों को राजधानी में रविवार को मौजूद रहने की हिदायत को लेकर भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल,इससे पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुके हैं। उनके भोपाल लौटने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री चौहान अचानक उनसे मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री का नागपुर दौरा तय हुआ।

नागपुर में संघ प्रमुख से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सीधे रीवा पहुंचकर वहां विमानतल के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे । इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। सिंधिया से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने रीवा से ही उक्त दो लाइन का संदेश सभी मंत्रियों को दिया था। इन तमाम घटनाक्रमों को मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना से जोडकर भी देखा जा रहा है।

दरअसल,आसन्न चुनाव को देखते हुए मप्र में भी गुजरात फार्मूला लागू करने की बात होती रही है। प्रदेश के विभिन्न निगम.मंडलों में भी नियुक्तियां लंबे समय से प्रस्तावित है। इसके चलते रविवार के राजधानी में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर सियासी हल्कों में अटकलों का दौर जारी है। बताया जाता है कि कुछ मंत्रियों ने अपने राजनैतिक आकाओं से टोह लेने का जतन भी किया।