उमरिया// जिले में Abha Abhiyan आभा अभियान चलाकर सभी का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। साथ ही छात्रावास में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए।
कलेक्टर कृष्ण देव त्रिपाठी ने निर्देश दिया हैं कि आभा अभियान के तहत प्रत्येक व्यक्ति का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। अभियान का संचालन स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देश दिए है कि छात्रावासी विद्यार्थियों और स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हेल्थ चेकअप के लिए विशेष अभियान स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित किया जाए। आभा अभियान के तहत विद्यार्थियों के हेल्थ कार्ड भी बनाए जाए।
छात्रावासों में विद्यार्थियों के वजन और ऊंचाई नापने की भी व्यवस्था की जाएं।
इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनिमिया की पहचान करने के लिए अभियान चलाया जाए।
कलेक्टर ने यह अभियान स्कूल शिक्षा विभाग और सर्व शिक्षा अभियान की ओर से संचालित स्कूलों और छात्रावासों में भी संचालित करने के निर्देश दिए।
ठण्ड : स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
जिले में वर्तमान समय में मौसम में बदलाव के कारण संभावित शीत लहर व बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम परिवर्तन से शीत लहर को लेकर मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके मेहरा ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहने, स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को लेकर दी जा रही जानकारी का अनुशरण करें।
साथ ही आपातकालीन समय के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थ, पानी, ईधन बैटरी, चार्जर, इमरजेंसी लाईट व आवश्यक दवाइयां तैयार रखें।
शीतलहर के समय कई प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है। जैसे फूलू, चलना, सर्दी, खान-पान व जुकाम आदि का लक्षण हो जाने पर स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या चिकित्सक से संपर्क करें, अपने नजदीकी डॉक्टर को दिखाकर उपचार कराएं।
पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहने
सामान्य से कम शरीर का तापमान न रुकने वाली कंपकपी, याददाश्त चले जाना, बेहोशी या मुर्छा की अवस्था हो जाना, जवान का लड़खड़ाना आदि प्रकट होने पर उचित इलाज किया जाए। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहने जैसे दस्ताने, टोपी मफलर और जूते पहने।
शीतलहर के समय चुस्त कपड़े न पहने यह रक्त संचार को कम करते हैं। इसलिए हल्के ढीले-ढाले व सूती कपड़े बाहर की तरफ और ऊनी कपड़े अंदर की ओर पहने।
जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहे और कोशिश करें कि अति आवश्यक हो तो ही बाहर निकलें। अत्यधिक ठंड पड़ने पर प्रभावित शरीर के हिस्से पर मालिश न करें अधिक नुकसान पड़ सकता है।
कोयले का उपयोग ना करें
बंद कमरे को गर्म करने के लिए कोयले का उपयोग न करें, क्योंकि यह कोयला जलने के उपरांत कार्बन मोनो-ऑक्साइड उत्पन्न होती है, जो शरीर के लिए हानिकारक है।