पटना
आरजेडी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने विदेश में रह रहे अपने बेटा-बेटी से कहा है कि भारत अब रहने लायक देश नहीं रहा। हाल ही में एक उर्दू अखबार के कार्यक्रम में उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को यह कहने के लिए मजबूर हैं कि वे विदेश में ही रह जाएं। हो सके तो वहीं की नागरिकता ले लें। उन्होंने चिंता जतायी कि हिन्दुस्तान में ऐसा दौर आ गया है कि वह अपने बच्चों को मातृभूमि छोड़ने के लिए कह रहे हैं। सिद्दीकी के इस बयान के समर्थन में जहां महागठबंधन के दलों के नेता उतर गए हैं, वहीं भाजपा ने उनको इस बयान के लिए निशाने पर लिया है।
सिद्दीकी ने उस कार्यक्रम में कहा कि मेरा एक बेटा हार्वर्ड में पढ़ता है, वहीं, बेटी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पास आउट है। हमने अपने बेटा-बेटी को कहा कि वहीं नौकरी कर लो। अब यहां जो माहौल है, उसे तुम लोग झेल नहीं पाओगे। आप समझ सकते हैं कि कितनी तकलीफ से आदमी यह बात अपने बाल-बच्चों को कहेगा कि अपनी मातृभूमि को छोड़ दो।
बता दें कि अब्दुलबारी सिद्दीकी ने जेपी आंदोलन से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। वह वर्ष 1977 में पहली बार सांसद बने और सात बार विधानसभा के सदस्य रहे हैं। दरभंगा जिले के निवासी सिद्दकी लालू-राबड़ी सरकार और महागठबंधन की पहली सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
















