प्रदेश में “पठान” पर बढ़ता विवाद,फिल्म नग्नता ज्यादा हिंदू और मुस्लिम के खिलाफ-आईएएस नियाज खान

37

भोपाल:
 एमपी में फिल्म पठान को लेकर विवाद जारी है। एमपी सरकार के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मांग की है कि फिल्म से आपत्तिजनक सीन हटाए जाए। उनके समर्थन में आईएएस अधिकारी नियाज खान (IAS Niyaz Khan) भी आ गए हैं। नियाज खान हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि मैंने पठान का गाना देखा है जो बेहद आपत्तिजनक है। साथ ही नग्नता से भरा है। यह हिंदू भाइयों और इस्लाम के खिलाफ भी है। नियाज खान के विरोध के बाद एमपी में फिल्म पठान विवाद को और बल मिला है।

पश्चिमी नग्नता की अनुमति नहीं

आईएएस नियाज खान ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि आदरणीय मंत्री महोदय ठीक कह रहे हैं। मैंने पठान का गाना देखा है जो बेहद आपत्तिजनक है। यह नग्नता से भरा है। हम भारतीयों की महान संस्कृति है, जहां ऐसी पश्चिमी नग्नता की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह न केवल हिंदू भाइयों के खिलाफ है बल्कि इस्लाम के खिलाफ भी है।

नियाज खान ने कहा कि पठान फिल्म सेंसर बोर्ड की तरफ से पारित कर दी गई है लेकिन बोर्ड को यह देखना चाहिए कि फिल्में हमारी संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को नष्ट न करें जो हमारी संपत्ति हैं। आज हमारे पास जो कुछ भी है सब गोरे लोगों की देन है, सिर्फ हमारा धर्म और संस्कृति हमारी अपनी है, जिससे समझौता नहीं किया जा सकता।

क्या है मामला
दरअसल, एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि दूषित मानसिकता के साथ फिल्माए गए गाने ‘बेशर्म रंग’ में अभिनेता और अभिनेत्री को आपत्तिजनक रूप से हरे और भगवा रंग के कपड़े पहनाए गए हैं। इन कपड़ों के रंग, गाने के बोल और फिल्म के नाम (पठान) में सुधार की आवश्यकता है। मेरा मानना है कि गाने का शीर्षक 'बेशर्म रंग' भी अपने आप में आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि अगर ‘‘पठान’’ के निर्माता और निर्देशक ने फिल्म में सुधार नहीं किए, तो राज्य में फिल्म के प्रदर्शन को अनुमति देने या न देने पर विचार किया जाएगा। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि दीपिका पादुकोण दिल्ली के जवारहलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के समर्थन में पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि इस कदम के बाद अभिनेत्री की मानसिकता पहले ही सबके सामने आ चुकी है।