उच्च रक्तचाप के साथ सोने के लिए सबसे अच्छी स्थिति कौन सी है?

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अनहेल्दी लाइफस्टाइल के चलते हाई ब्लड प्रेशर एक आम बीमारी बन गई है। 40 के बाद ज्यादातर लोग इस बीमारी से जूझते हैं। आमतौर पर हमारे शरीर का ब्लड प्रेशर अलग-अलग गतिविधियों के कारण दिनभर बदलता रहता है, लेकिन सामान्य व्यक्ति को इससे परेशानी नहीं होती। क्योंकि यह नॉर्मल रेंज के अंदर ही घटता और बढ़ता है। जब किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 140/90 mm/Hg से ऊपर हो जाता है, तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं।

इसे हृदय रोग का प्रमुख कारक माना जाता है। लगातार बनी रहने वाली यह समस्या गंभीर स्थितियों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। इसलिए इसे नियंत्रित रखने के लिए आहार और जीवनशैली दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार हाइपरटेंशन को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, इसे सिर्फ कुछ उपायों को करके कंट्रोल किया जा सकता है। कम ही लोग जानते हैं कि नींद की कमी और हाई ब्लड प्रेशर के बीच कनेक्शन है। हाइपरटेंशन की स्थिति को कंट्रोल करने में आपके सोने के तरीके की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। तो आइए जानते हैं कि हाइपरटेंशन से जूझ रहे लोगों के लिए किस पोजीशन में सोना ठीक है।

नींद और हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध

हाई ब्लड प्रेशर और नींद के बीच गहरा संबंध है। ज्यादातर लोग इस बात से अनजान है कि नींद की कमी हाई ब्लड प्रेशर को और खराब कर देती है। यदि व्यक्ति पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त है, तो नींद की खराब गुणवत्ता इसे बढ़ा सकती है। बता दें कि नींद स्ट्रेस हार्मोन से छुटकारा पाने का शरीर का नेचुरल तरीका है। लेकिन जब आप अच्छी गुणवत्ता वाली पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, तो आपके हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो सूजन का कारण बनता है। इससे आपकी ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है।

​हाइपरटेंशन में सोने के इस तरीके को माना जाता है फायदेमंद

जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें बाईं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए। यह उनके लिए सोने की सबसे अच्छी स्थिति है। ब्लड वेसेल्स पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए इस तरह से सोना काफी फायदेमंद माना गया है।

​स्लीप एपनिया वालों के लिए भी फायदेमंद

स्लीप एपनिया जैसी समस्या से राहत के लिए पेट के बल सोना अच्छा माना जाता है। इस तरीके से सोने की आदत से बहुत लाभ मिलता है।
गर्भवती महिलाओं को डालनी चाहिए बाईं ओर सोने की आदत

विशेषज्ञ हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहीं गर्भवती महिलाओं के लिए बाईं तरफ करवट लेकर सोना अच्छा मानते हैं। चूंकि बढ़ता हुआ बच्चा आंतरिक अंगों पर दबाव डालता है और सकुर्लेशन की समस्या पैदा कर सकता है। ऐसे में बाई तरफ सोने से न केवल सकुर्लेशन ठीक होगा बल्कि हाई ब्लड प्रेशर को भी कम करने में भी मदद मिलेगी।

हाई ब्लड प्रेशर से राहत पाने के लिए नींद एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है। लगभग 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेने से आपके ब्लड प्रेशर लेवल पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। साथ ही आपकी नींद की स्थिति भी आपके ब्लड प्रेशर लेवल में एक बड़ा अंतर लाने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने में एक महत्वपूर्ण कारक है।