भोपाल
प्रदेश के विद्यार्थियों में लॉ पढ़ने का क्रेज अब कम होने लगा है। पिछले तीन-चार सालों में भोपाल के लॉ कालेजों में शत प्रतिशत तक प्रवेश हुए हैं। अब आलम यह है प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरणों में पहुंच गई और कालेजों में दस फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हो सके हैं। कम प्रवेश को देखते हुये विभाग ने सीएलसी का एक अतिरिक्त राउंड और शुरू कर दिया है।
राजधानी के स्टेट लॉ कालेज में पहली काउंसलिंग में 160 सीटों का कटआफ 68 फीसदी पर जाकर रुक गया था। इसके बाद विभाग ने तीन कॉलेज लेवल काउंसलिंग करार्इं। इसमें विद्यार्थियों ने स्टेट लॉ कालेज की सीटों पर प्रवेश लेना जरूरी नहीं समझा। अब अंतिम सीएलसी के लिये के लिऐ पंजीकृत विद्यार्थियों का दस सीटों के लिये 83 पर आकर रुक गया है। वहीं एलएलएम की चंद सीटों के लिये 91 फीसदी कटआफ आकर रुक गया है। जबकि प्रथम सूची में कटआफ 62 फीसदी रहा है। चंद सीटों पर प्रवेश देने के लिये विभाग विद्यार्थियों के फार्म जमा कराये जा रहे हैं।
पचास फीसदी सीटों पर हुये प्रवेश
प्रदेश में एलएलबी में प्रवेश देने के लिये 85 कालेजों को विभाग द्वारा मान्यता और स्थानीय विवि से संबद्धता दी गई है। उक्त कालेजों में करीब 11 हजार सीटों हैं। इसमें पांच हजार 724 सीटों पर अब तक प्रवेश हो सके हैं। जबकि राजधानी के आठ कालेजों की एलएलबी की एक हजार 40 सीटों में 475 विद्यार्थियों के प्रवेश हुये हैं। सिर्फ स्टेट लॉ कालेज में सबसे ज्यादा 170 प्रवेश हुये हैं। इसके बार राजीव गांधी कालेज में 110 सीटों पर प्रवेश हुये हैं। प्रदेश और राजधानी के कालेजों में पचास-पचास फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हो सके हैं। अंतिम अतिरिक्त राउंड में प्रवेश की स्थिति में कुछ और सुधार हो सकते हैं।
| भोपाल के लॉ कालेजों की स्थिति | ||
| लॉ कालेज | सीट | प्रवेश |
| कैरियर कालेज | 120 | 54 |
| चित्रांश एडी कालेज | 100 | 10 |
| जय हिंदी डिफेंस | 120 | 32 |
| राजीव गांधी कालेज | 180 | 110 |
| सैफिया कालेज | 160 | 92 |
| सत्य सार्इं कालेज | 60 | 7 |
| स्टेट लॉ कालेज | 180 | 170 |
| विद्यादायनी कालेज | 120 | 18 |
















