मध्य प्रदेश में लू की एंट्री, नर्मदा किनारे सूरज के तीखे तेवर

198

“मध्य प्रदेश में अब ‘मौसम का मूड’ पूरी तरह बदल चुका हैबारिश-ओलों से सीधे लू के थपेड़ों तक, अप्रैल ने मप्र में गर्मी का असली रंग दिखाना शुरू कर दिया”

भोपाल।
अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आते ही मध्य प्रदेश में सूरज के तेवर तीखे हो चले हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के बीस जिलों में लू चलने की संभावना जताई है। इन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

खास बात यह कि आधे प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा किनारे के इलाके में सूरज के तेवर ज्यादा तीखे हैं। नर्मदापुरम में ही पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।

☀️ 20 जिलों में हीट वेव का अलर्ट

मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत बादलों व ​बारिश से हुई। कुछ जगह ​ओले भी गिरे। माह का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो चुका है।

इसके साथ ​ही मौसम एक बार फिर नए रंग में है। अप्रैल में ट्रेंड के मुताबिक,सूरज अपने तीखे तेवर दिखा रहा है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को 20 जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है। इनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं।

गौरतलब है,कि महीने की शुरुआत में मौसम बिल्कुल अलग था। महीने के शुरुआती नौ दिन प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला। 45 जिलों में बारिश हुई और 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे।

🌡️ नर्मदापुरम सबसे गर्म, कई शहर 40 के पार

गर्मी का सबसे ज्यादा असर नर्मदा किनारे दिखा। जहां नर्मदापुरम का पारा 43°C तक पहुंच गया। यह इस सीजन का अब तक का रिकॉर्ड।

वहीं,रतलाम 42.8°C के साथ दूसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा दमोह, मंडला, शाजापुर, गुना, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, सतना, सागर समेत कई शहरों में तापमान 40°C के पार दर्ज हुआ।

🏙️ बड़े शहरों का हाल

प्रदेश के प्रमुख शहर भी गर्मी की चपेट में हैं—

जबलपुर: 41.4°C
भोपाल: 40.5°C
इंदौर: 40.1°C
ग्वालियर: 40.5°C
उज्जैन: 40.7°C
स्कूल टाइम बदला, बच्चों को राहत

बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। रायसेन, अनूपपुर और डिंडौरी में स्कूलों का समय सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है, ताकि बच्चों को दोपहर की तेज धूप से बचाया जा सके।

🌦️ बीच-बीच में बारिश के संकेत

तेज गर्मी के बीच थोड़ी राहत की उम्मीद भी है। मौसम विभाग के मुताबिक 19-20 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आएगी।

📊 क्यों बढ़ती है अप्रैल में गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त पीक होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल-मई सबसे अहम महीने होते हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही लू का असर तेज होने लगता है।

 ऐसे करें बचाव
.दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें।
. दोपहर में धूप से बचें।
. हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।

जनप्रचार नॉलेज( Janprachar Knowledge)

यह “शिफ्टिंग वेदर पैटर्न”
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से मध्य प्रदेश समेत पूरे उत्तर और मध्य भारत में लू चलना एक सामान्य मौसमी पैटर्न है।

इसे ही मौसम की भाषा में “शिफ्टिंग वेदर पैटर्न” कहा जाता है। जो हाल के वर्षों में ज्यादा देखने को मिल रहा है।

✔️ अप्रैल–मई को पीक समर मंथ
15 अप्रैल के बाद तापमान तेजी से 40°C+ जाने लगता है।

सूखी और गर्म हवाएं (लू) इसी समय सक्रिय होती हैं।

मानसून से पहले का यह सबसे गर्म चरण होता है।

✔️ इस बार क्या खास है?
शुरुआत (1–9 अप्रैल) में बारिश-ओले
अब अचानक तेज गर्मी और लू