उड़ान पर महंगाई का टर्बुलेंस : अब यात्रा की दूरी तय करेगी हवाई किराया

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✈️ “हवाई सफर अब लक्जरी सुविधा की ओर फिर बढ़ता दिख रहा है। अगर यात्रा प्लान कर रहे हैं, तो दूरी और टाइमिंग-दोनों अब आपकी जेब तय करेंगे। दरअसल,विमान ईंधन की कीमत में इजाफा होने पर एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज को किराए में जोड़ने का ऐलान किया है।”

नईदिल्ली।

एयर इंडिया ( Air India) ने हवाई किराए का गणित ही बदल दिया है। अब सिर्फ टिकट नहीं, बल्कि दूरी भी आपकी जेब तय करेगी।

फ्यूल सरचार्ज को फ्लैट रेट से हटाकर ‘डिस्टेंस बेस्ड मॉडल’ में बदल दिया गया है-यानि जितनी लंबी उड़ान, उतना ज्यादा अतिरिक्त खर्च।

तेल के दाम बढ़ने का असर

ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतें अचानक दोगुनी हो गई हैं। फरवरी में जहां यह 99.40 डॉलर/बैरल थी।

वहीं,मार्च में यह 195.19 डॉलर/बैरल हो गई। ईंधन तेल में आए इस उछाल ने एयरलाइंस की लागत को झटका दिया। जिसका असर अब यात्रियों की जेब पर साफ दिखेगा।

घरेलू उड़ानों में नया गणित

कंपनी सूत्रों के अनुसार,बढ़ा हुआ किराया संभवतया 8 अप्रैल से लागू होगा। नई दर के मुताबिक,अब ₹299 से ₹899 तक का फ्यूल सरचार्ज दूरी के हिसाब से लगेगा।

फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त रकम है,जो एयरलाइंस ईंधन महंगा होने पर टिकट में जोड़ देती हैं। यानी टिकट = बेस किराया + फ्यूल सरचार्ज।

मतलब, छोटी दूरी वालों को थोड़ी राहत, लंबी दूरी वालों पर ज्यादा बोझ। इसे , इस तरह समझा जा सकता है-

0–500 Km:            रु.299
500–1000 Km:     रु.399
1000–1500 Km    रु.549
1500–2000 Km:   रु.749
2000 Km+:           रु.899

इंटरनेशनल फ्लाइट: जेब पर भारी झटका
नए फ्यूल सरचार्ज के मान से विदेश यात्रा अब और महंगी होगी। इसकी दरें कुछ इस प्रकार बताई जाती हैं—
SAARC देश : $24 से शुरुआत.

सिंगापुर:          $60

यूरोप/UK : $205

अमेरिका/ऑस्ट्रेलिया: $280 (₹23,000+ तक अतिरिक्त)

(सार्क देशों में भारत के अलावा पाक,बांग्लादेश,नेपाल,भूटान, श्रीलंका, मालद्वीप व अफगानिस्तान शामिल हैं।)

सच्चाई कुछ अलग

हांलाकि,कंपनी का दावा है कि वह पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रही। सच्चाई कुछ अलग है। दरअसल,एयरलाइंस के कुल खर्च में 30–40% हिस्सा ही सिर्फ ईंधन का होता है।

दुनिया भर की कंपनियां, जैसे एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास, पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि महंगे ईंधन का असर सीधे टिकट पर पड़ेगा।