भूकंप: कंपन अफगान के हिंदू कुश में, हलचल उत्तर भारत तक

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नई दिल्ली।
शुक्रवार रात दूर बैठे हिंदू कुश (अफगानिस्तान पर्वत श्रृंखला) के भूकंप ने उत्तर भारत की नींद उड़ा दी।

झटकों का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान में था, लेकिन असर दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक महसूस किया गया।

लोग अचानक घरों से बाहर निकल आए, जिससे देर रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

📍 चार देशों में असर, गहराई ने बढ़ाया फैलाव

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में करीब 150 किमी गहराई में था।

इस वजह से इसके झटके भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान तक फैल गए।
तीव्रता 5.9 दर्ज की गई, जिसे मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है।

🌧️ बारिश के बीच झटके, लोगों में घबराहट

गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में लोग बारिश के बीच ही घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इसे हल्का लेकिन डराने वाला अनुभव बताया।

🇵🇰 पाकिस्तान में भी तेज झटका

इसी क्षेत्र में पाकिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

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🔬 क्यों,दूर का भूकंप भी यहां महसूस होता है?

* पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार खिसकती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स टकराती हैं, वहां ऊर्जा जमा होती है।
* जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो भूकंप आता है।

👉 गहराई ज्यादा होने पर झटके दूर-दूर तक महसूस हो सकते हैं, जैसा इस बार हुआ।

📏 रिक्टर स्केल से मापी जाती है ताकत

* भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल से मापी जाती है, जो 1 से 9 तक होती है।
*  जितनी ज्यादा तीव्रता, उतना ज्यादा असर—हालांकि असली नुकसान कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।