नईदिल्ली/मास्को
मिडिल ईस्ट में जंग जारी रहने से दुनिया में एक बार फिर कोरोना जैसे संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जंग का दायरा बढ़ा तो असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा।
भारत समेत पूरी दुनिया को आर्थिक और आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने संभावित हालातों पर चिंता जताई है। पीएम मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बात करेंगे।
वहीं,रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जंग लंबी खिंचने पर कोविड—19 जैसे हालात पैदा होने की आशंका जताई है।
🏛️ मुख्यमंत्रियोंसे सीधा संवाद करेंगे पीएम मोदी
अधिकारिक जानकारी अनुसार,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों से अहम चर्चा करेंगे।
बैठक में मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और उसके भारत पर संभावित असर पर रणनीति बनाई जाएगी।
‘आने वाला समय परीक्षा जैसा’
प्रधानमंत्री ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि अगर ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा खिंचा, तो हालात COVID-19 जैसे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करने पर जोर दिया।
⛽ ईंधन संकट की अफवाहों पर सरकार सख्त
सरकार ने पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी की खबरों को सिरे से खारिज किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार,देश में 60 दिन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सोशल मीडिया पर चल रही किल्लत की खबरें महज ‘प्रोपेगैंडा’ है। सरकार ने कहा कि पैनिक बाइंग फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर,रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी आगाह किया है कि यह जंग वैश्विक सप्लाई चेन,लॉजिस्टिक्स और उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि तेल, गैस, धातु और उर्वरक सेक्टर पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।
🌊 समुद्री रास्तों पर संकट—दुनिया की सप्लाई पर खतरा
ईरान ने Bab-el-Mandeb Strait को बंद करने की धमकी दी है, जो रेड सी और अरब सागर को जोड़ने वाला अहम मार्ग है।
– दुनिया के करीब 12% तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है
– स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से निकलते हैं
– यहां तनाव बढ़ा तो वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर संभव
⚔️ खार्ग द्वीप पर हमले की आशंका से बढ़ी बेचैनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका, ईरान के Kharg Island पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इसके जवाब में ईरान की सख्ती से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका है।