वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी।
ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के बाद अब वैश्विक राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने NATO सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “कायर” तक कह दिया।
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि युद्ध के दौरान सहयोगी देशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया और अब तेल की कीमतों पर चिंता जता रहे हैं।
🔥 NATO पर ट्रम्प का सीधा हमला
NATO को लेकर ट्रम्प ने कहा कि बिना अमेरिका के यह गठबंधन “कागजी शेर” जैसा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी भड़ास निकाली। ट्रम्प ने लिखा कि सहयोगी देश न्यूक्लियर ताकत वाले ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने से पीछे हट गए।
⚓ होर्मुज स्ट्रेट पर भी जताई नाराजगी
ट्रम्प ने Strait of Hormuz का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखना आसान सैन्य कदम है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी मदद नहीं कर रहे। उन्होंने साफ कहा कि “हम इसे याद रखेंगे।”
🛢️ ईरान का दावा-तेल सप्लाई पर कोई असर नहीं
वहीं Iran ने अमेरिकी हमलों के बीच दावा किया है कि उसके प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island से सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
ईरानी संसद की सुरक्षा समिति के प्रवक्ता के अनुसार वहां सुरक्षा मजबूत है और निर्यात में कोई बाधा नहीं आई है।
⚠️ तेल ठिकानों पर हमले की चेतावनी
इससे पहले ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करता है, तो खार्ग आइलैंड के तेल ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
हालांकि, ईरान का कहना है कि हालिया हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
🌍 वैश्विक असर के संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टकराव सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर भी असर डाल सकता है।
एक तरफ अमेरिका-NATO के बीच मतभेद सामने आए हैं, तो दूसरी ओर ईरान अपने तेल निर्यात को सामान्य बताकर बाजार को संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
👉 कुल मिलाकर, जंग के बाद अब सियासी बयानबाजी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है, जिसके असर वैश्विक स्तर पर दिख सकते हैं।