पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के दूसरे ही दिन चुनाव आयोग ने बड़ा फेरबदल किया।
आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित छह वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है।
आयोग ने पीयूष पांडे की जगह सिद्धनाथ गुप्ता को नया डीजीपी नियुक्त किया है। वहीं, राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को भी पद से हटा दिया गया है।
उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस दुष्यंत नारियाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर भी बदले
चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर पद पर भी बदलाव किया है। सुप्रतिम सरकार की जगह अजय कुमार नंद को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव बनाया गया है।
अन्य नियुक्तियां भी घोषित
आयोग के आदेश के अनुसार नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा महानिदेशक बनाया गया है, जबकि अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आईजीपी (कानून-व्यवस्था) का पद दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।
चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद फैसला: EC
चुनाव आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासनिक तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ये बदलाव किए गए हैं।
बंगाल में दो चरणों में मतदान
चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया।
बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
राज्यपाल बदलने के बाद अब प्रशासनिक फेरबदल
गौरतलब है कि 5 मार्च को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आरएन रवि को नया राज्यपाल बनाया गया है।
बोस के कार्यकाल के दौरान ममता सरकार और राजभवन के बीच कई बार मतभेद भी सामने आए थे।
ममता के सामने भाजपा की चुनौती
पश्चिम बंगाल में पिछले 14 वर्षों से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। आगामी चुनाव में अगर टीएमसी जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाली देश की पहली महिला नेता बन सकती हैं। हालांकि, भाजपा इस बार राज्य में मुख्य चुनौती के रूप में चुनाव मैदान में है।