Janprachar.com,Bhopal.
मध्य प्रदेश वन विभाग अवैध वन कटाई व वन्य प्राणियों के शिकार जैसे मामले रोकने मुखबिर तंत्र को मजबूतर करेगा।इस काम में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की मदद ली जाएगी। वन बल प्रमुख व्ही एन अंबाडे ने इस दिशा में काम जल्दी शुरू करने की हिदायत सभी मैदानी अफसरों को दी है।
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वजनदार होंगी संयुक्त वन प्रबंधन समितियां
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विभाग प्रमुख ने हाल ही में चार अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए। इनमें संयुक्त वन प्रबंध समितियों को मजबूत करने व व्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
पीसीसीएफ ने निर्देशों में कहा कि अवैध कटाई रोकने जेएफएमसी सदस्यों व ग्रामीणों से मैदानी अमला संवाद बढ़ाए। इनकी मदद से मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकें।
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‘समिति बजट में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं’
वन बल प्रमुख ने एक अन्य आदेश में कहा कि जेएफएमसी के बजट में गड़बड़ी की शिकायत पर आगे से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस बजट को सिर्फ समितियों की मंजूरी पर ग्राम व वन विकास में ही खर्च किया जाए।

उज्जवला कनेक्शन दिलाने में करें सहयोग
विभाग प्रमुख ने कहा कि ईंधन के मामले में लकड़ियों पर आधारित परिवारों को सूचीबद्ध कर इन्हें संबंधित विभाग की मदद से उज्जवला योजना का लाभ दिलाने में सहयोग करें। ग्रामीणों को रसोई गैस उपयोग के फायदे भी बताएं।

आजीविका बढ़ाने वाला हो वनीकरण
वन बल प्रमुख ने एक अलग आदेश में कहा कि ईको रोस्ट्रोरेशन एवं वनीकरण से जुड़े कामों में पौधों के चयन में भी संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की राय लें। अधिकारी ऐसे पौधों व प्रजातियों का चयन करें जो समिति सदस्यों की आजीविका बढ़ाने में मददगार हो।
















