उज्जैन(Janprachar.com)। मप्र में अगस्त माह में बारिश बेहद कम होने से खरीफ फसल को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। इसे लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। मुख्यमंत्री शिवराज ने किसानों की समस्या को देखते हुए बांधों से पानी दिए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं उन्होंने भाद्र मास के पहले सोमवार पर महाकाल मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया व प्रदेश में जोरदार बारिश की कामना की।प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी इस मौके पर मौजूद रहे।
हे प्रभु! मध्यप्रदेश को संकट से बचाओ, भरपूर वर्षा कराओ।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj जी ने आज उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में पंचामृत पूजन एवं महारूद्र अनुष्ठान कर मध्यप्रदेश में भरपूर वर्षा हेतु कामना की। pic.twitter.com/qVjn0nqzqG
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) September 4, 2023
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कल चित्रकूट में जनआशीर्वाद यात्रा शुभारंभ कार्यक्रम से लौटते ही प्रदेश में खरीफ फसल की स्थिति को लेकर समीक्षा की। एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने जल उपयोगिता समिति की बैठक जल्दी ही बुलाकर किसानों को सिंचाई के लिए बांधों से पानी दिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दैनिक उपभोग एवं निस्तार के लिए भी जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा।
10 रुपए के रेट पर भी नहीं मिल रही बिजली
उन्होंने बिजली के समुचित इंतजाम करने की बात भी कही। बैठक में बताया गया कि खरीफ सीजन में आमतौर पर सात हजार मेगावाट बिजली की मांग रहती है,लेकिन बारिश नहीं होने से सिंचाई के लिए यह मांग बढ़कर 15 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली अन्य राज्यों से क्रय करने पर भी विचार हुआ लेकिन दस रुपए प्रति यूनिट में भी अतिरिक्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है।
















